पैनिक बटन दबाते ही राजधानी की 5500 डीटीसी और क्लस्टर बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी) के पास होगी। वह किसी भी मुश्किल, जैसे छेड़छाड़, चोरी या मारपीट जैसे अपराध या किसी खराबी का हल तकनीक के जरिये तलाशेगा। बस में कोई खराबी आ जाए या आग लगने पर भी बचाव के उपाय तत्काल किए जाएंगे। ये बसें सीसीटीवी, पैनिक बटन और जीपीएस से लैस होंगी। इसकी पहल परिवहन विभाग ने की है।
सीसीसी का प्रबंधन संभाल रही कंपनी टेलीकम्युनिकेशंस कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) के तकनीकी विशेषज्ञ अमर प्रताप ने बताया कि सभी बसों के पैनिक बटन एक सिम के जरिये सीसीसी से जुड़े होंगे। आपात स्थिति में जरूरत होने पर लोकेशन की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को भेजी जाती है, ताकि यात्रियों को मदद मिल सके।
सभी बसों में जीपीएस के साथ प्राइवेट नेटवर्क पर काम करने वाले सिम भी जुड़े हैं। सभी व्हाइट लिस्ट में हैं, ताकि आपात स्थिति में केवल सेंटर से ही इनका संचालन किया जा सके। यात्रियों के साथ नेटवर्क की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है, ताकि साइबर हमले का भी खतरा न हो। आपात स्थिति में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये पैनिक बटन दबाते ही कंट्रोल रूम में मैसेज पहुंचेगा। फिर संबंधित डिपो से लोकेशन (आक्षांश और देशांतर) की जानकारी दी जाएगी।
हर 10 सेकेंड में मिलेगी बस की सूचना
यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीसी को तकनीकी तौर पर यूनीक बनाया गया है। बसें जब तक सड़क पर दौड़ती रहेंगी, हर 10 सेंकेंड में इनकी सूचना मिलेगी।
हरेक बस में होंगे 3 आईपी कैमरे, 10 पैनिक बटन
इस तकनीक से जुड़ी प्रत्येक बस में 3-आईपी कैमरे, एमएनवीआर जीपीएस डिवाइस, 10 पैनिक बटन, ड्राइवर के लिए एक डिस्प्ले, हूटर, स्ट्रोब और 2 नंबर टू-वे ऑडियो कम्युनिकेशन डिवाइस होंगी। आपात स्थिति में यात्री, चालक या परिचालक पैनिक बटन का उपयोग कर सकते हैं। अलर्ट सीसीसी पहुंचेगा। यहां से पुलिस, फायर, एंबुलेंस को जरूरत के मुताबिक मैसेज पहुंचेगा। आपात काल में संबंधित अधिकारियों को एसएमएस और ईमेल अलर्ट भी भेजा जाएगा।
परिवहन मंत्री ने किया सीसीसी का निरीक्षण
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कश्मीरी गेट बस अड्डे में तैयार नए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी) का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ हुई बैठक में डाटा निगरानी और संचालन से संबंधी रिपोर्ट रोज पेश करने के निर्देश दिए। ट्रायल के बाद मुख्यमंत्री सीसीसी को जनता को समर्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि सीसीसी के साथ कश्मीरी गेट पर 150 करोड़ की लागत से एक डिजास्टर रिकवरी सेंटर और डाटा सेंटर भी तैयार किया गया है। इससे बस के भीतर की सभी गतिविधियां डिपो से भी देखी जा सकती हैं। बसों में वास्तविक समय निगरानी के लिए कमांड सेंटर 24 घंटे काम करेगा। उन्होंने ट्वीट करके भी निरीक्षण की जानकारी दी।