कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। बृहस्पतिवार दोपहर बाद छह निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म हो गई। करीब एक दर्जन अस्पतालों में लगभग खत्म होने की कगार पर है। ऑक्सीजन की कमी होने से शांति मुकुंद अस्पताल ने नए मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है। साथ ही हल्के लक्षणों वाले सभी मरीजों को घर भेजा जा रहा है। दूसरे कई अस्पतालों में भी रोगियों को ऑक्सीजन का इंतजाम करने की सलाह दी जा रही है।
दक्षिण जिले के बत्रा अस्पताल बुधवार रात ऑक्सीजन खत्म होने
वाली थी, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वहां भर्ती 350 मरीजों की जान बच गई। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए भी पुलिस ने कई स्थानों में ऑक्सीजन का इंतजाम कराया। उधर, मायापुरी स्थित प्लांट पर फ्री ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए भी भीड़ उमड़ रही है। अस्पतालों ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से सरकार से ऑक्सीजन आपूर्ति करने की गुहार लगाई है।
ऑक्सीजन को लेकर चल रहा जंगलराज : सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन का पत्र लिखकर मौजूदा हालात की जानकारी दी। उन्होंने तत्काल ऑक्सीजन की सप्लाई करने की भी गुजारिश की है। उन्होंने केंद्र सरकार
से अपील करते हुए कहा कि राजधानी में हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आने वाले ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए जरूरत होने पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती भी की जाए। आरोप है कि यूपी और हरियाणा की ओर से दिल्ली में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर जंगलराज चल रहा है। इसे जल्द खत्म किया जाए। अन्यथा हालात खराब होते चले जाएंगे।
छोटे अस्पतालों की हालात ज्यादा खराब
छोटे अस्पतालों की हालत इस वक्त सबसे ज्यादा खराब है। इनमें संत परमानंद अस्पताल, होली फैमिली, तीरथराम, एनके अस्पताल समेत कई अस्पतालों में बृहस्पतिवार शाम तक सिर्फ कुछ ही घंटे की ऑक्सीजन बची थी। इसमें द्वारका के आकाश हेल्थ केयर अस्पताल में भी बृहस्पतिवार देर रात तक की ही ऑक्सीजन बची है। यहां 233 कोरोना मरीज भर्ती हैं। माता चानन देवी अस्पताल में भी ऑक्सीजन खत्म होने की कगार पर है। उधर, सरोज अस्पताल ने बृहस्पतिवार शाम को उच्च न्यायालय को बताया कि याचिका दाखिल करने के कुछ घंटे बाद उसे ऑक्सीजन उपलब्ध करा दिया है। इससे अगले 2 दिन काम चल सकता है।
प्रमुख अस्पतालों में कल शाम तक की हालत...
- आंबेडकर नगर अस्पताल : 24 घंटे
- बुराड़ी अस्पताल : 7 घंटे
- दीन दयाल उपाध्याय : 6 घंटे
- दीपचंद बंधु : 8 से 10 घंटे
- डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर : 4 घंटे
- जीटीबी अस्पताल : 8 घंटे
- राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी : 11 घंटे
- बीएलके अस्पताल : 4 घंटे
- होली फैमिली : 2.5 घंटे
- इंद्रप्रस्थ अपोलो : 4 घंटे
- मैक्स पटपड़गंज : 4 घंटे
- मैक्स शालीमार बाग : 18 घंटे
- सर गंगाराम अस्पताल : 20 घंटे