दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और एसएफएल निदेशक डॉ. दीपा वर्मा
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दिल्ली में छह नई मोबाइल फोरेंसिक क्राइम सीन यूनिट की शुरुआत हुई है। अब चार से पांच साल की जगह महज दो महीने के भीतर फोरेंसिक रिपोर्ट मिल जाएगी। साथ ही इसके सहारे दिल्ली के अंदर किसी भी जगह पर पहुंचा जा सकेगा। बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन, एसएफएल निदेशक दीपा वर्मा की मौजूदगी में इसका उद्घाटन हुआ।
जैन ने बताया कि यह यूनिट दिल्ली के अंदर किसी भी जगह पहुंचने में सक्षम होंगी और 24 घंटे उपलब्ध होंगी। अभी तक फोरेंसिक रिपोर्ट आने में चार से पांच साल का वक्त लग जाता था, लेकिन अब वह सिर्फ एक से 2 माह में रिपोर्ट में मिल जाएगी।
सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार इस तथ्य से अवगत है कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में डीएनए नमूनों का पता लगाने में छह महीने से अधिक समय लगता था, लेकिन अब बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ रिपोर्ट एक से दो महीने के अंदर आ जाएंगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में सिर्फ एक लैब होने के कारण दिल्ली फोरेंसिक कार्यालय को सुबूतों को जमा करने और उन्हें सुरक्षित लैब तक पहुंचाने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। ज्यादा दूरी होने के कारण फिंगर प्रिंट और डीएनए जैसे सुबूत नष्ट हो जाते थे। अब यह समस्या नहीं रहेगी।
दूसरी तरफ दीपा वर्मा ने बताया कि प्रयोगशाला ने क्राइम सीन मैनेजमेंट डिवीजन के लिए वैज्ञानिक कर्मचारियों की भर्ती की है ताकि क्षेत्र स्थानों पर और अधिक तैनाती के लिए मोबाइल फोरेंसिक क्राइम सीन इकाइयों का गठन किया जा सके। प्रयोगशाला के वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट की समीक्षा करने, उनके कार्यशीलता का पर्यवेक्षण करने और इन इकाइयों का नेतृत्व करने के लिए सौंपा गया है।
छह मोबाइल यूनिट
- पूर्वी जोन के उस्मानपुर पुलिस स्टेशन
- पश्चिमी जोन के द्वारका पुलिस स्टेशन
- केंद्रीय जोन सदर बाजार पुलिस स्टेशन
- नई दिल्ली जोन दिल्ली कैंट
- दक्षिणी जोन ग्रेटर कैलाश
- उत्तरी जोन रोहिणी सेक्टर-14।