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तब्लीगी मरकज मामला : अब तक जांच में शामिल नहीं हुए मौलाना साद

Wed, 24 Mar 2021 05:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली 

सार

  • दिल्ली पुलिस जारी कर चुकी है कई नोटिस
  • परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज
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maulana saad - फोटो : youtube
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विस्तार
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निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज मामले को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इस मामले में तब्लीगी मरकज के मौलाना मोहम्मद साद अब तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने साद को जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस भेजे थे, मगर वह कोरोना संक्रमित आदि बहाना बनाकर जांच में शामिल नहीं हुए।

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निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज में मार्च 2020 में बड़ी संख्या में कई देशों के विदेशी तब्लीगी जमात के लिए शामिल हुए थे। आरोप था कि इन विदेशी जमातियों की वजह से भारत में कोरोना फैला था। इस बाबत निजामुद्दीन थाने में 31 मार्च, 2020 को मरकज के सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 

बाद में विदेशी अधिनियम व भारतीय दंड संहिता की धाराएं भी लगाई गई थीं। हत्या के प्रयास की भी धाराएं लगाई गई थीं। बाद में मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा दी गई। मरकज से काफी संख्या में विदेशी देश के कई राज्यों में चले गए थे और उन्होंने वहां कोरोना संक्रमण का प्रसार किया। दिल्ली पुलिस के अलावा अन्य राज्यों की पुलिस ने विदेशी जमातियों को ढूंढने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांचकर्ताओं द्वारा कई नोटिस जारी किए जाने के बावजूद मौलाना साद कांधलवी जांच में शामिल नहीं हुए। पुलिस ने इस मामले के संबंध में उनके पुत्रों और मरकज के पदाधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि केंद्र से जब्त किए गए दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की अधिकांश फोरेंसिक रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं, जबकि कुछ का अभी भी इंतजार है। 

पिछले साल दिसंबर में, दिल्ली की एक अदालत ने 36 विदेशियों को बरी कर दिया था। तब्लीगी जमात में शामिल होने वाले विदेशियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।  दिल्ली पुलिस ने कहा कि अब तक उसने 36 देशों के 956 विदेशी नागरिकों के खिलाफ 48 चार्जशीट और 11 पूरक आरोप पत्र दायर किए हैं।

केंद्र ने किए थे वीजा रद्द
पुलिस अधिकारियों के अनुसार निजामुद्दीन मरकज में करीब 9 हजार लोगों ने भाग लिया। बाद में उनमें से कई ने देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा की। विशेष रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और किर्गिस्तान से विभिन्न देश तब्लीगी गतिविधियों के लिए आते हैं। केंद्र सरकार ने भी विदेशी जमातियों के वीजा रद्द करते हुए ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद विरोध में काफी विदेशी कोर्ट चले गए थे।

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