केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं रद्द होने के बाद अब बोर्ड ने मूल्यांकन के लिए क्राइटेरिया बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। लगभग 10 से 15 दिन केअंदर मूल्यांकन के लिए पॉलिसी बनकर तैयार हो जाएगी। बोर्ड का प्रयास है कि जो भी पॉलिसी तैयार हो वह बच्चों के लिए कारगर साबित हो। यह पॉलिसी थ्यौरी व प्रैक्टिकल दोनों के लिए होगी। पॉलिसी तैयार होने केबाद इसे स्कूलों को भेजा जाएगा।
पॉलिसी के आधार पर ही स्कूल मूल्यांकन कार्य के आगे का काम करेंगे। इसकेलिए स्कूलों को भी पर्याप्त समय दिया जाएगा। इसकेबाद ही बोर्ड रिजल्ट बनाने का काम शुरु करेगा। जिसकेलिए बोर्ड को कम से कम 15 दिन का समय चाहिए होगा। इस तरह से बारहवीं का रिजल्ट जुलाई के अंत तक ही आने की संभावना है।
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि हम मूल्यांकन के लिए जो भी क्राइटेरिया बनाएंगे उसमें यह प्रयास होगा कि वह बच्चों के लिए कारगार साबित हो। वह पूरी तरह से छात्र हितैषी ही होगा। इसके लिए सभी राज्यों में स्कूलों की परिस्थितियों को भी देखना पड़ेगा। अभी क्राइटेरिया तय होने में 10-15 दिन का समय लग जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि जो पॉलिसी तय हो उसमें स्कूलों को मूल्यांकन करने में कितने समय की जरुरत होगी। इसकेलिए भी स्कूलों को पर्याप्त समय दिया जाएगा जिससे कि किसी भी छात्र का नुकसान ना हो। इन सबके बाद हमें भी 15 दिन रिजल्ट तैयार करने में लग जाएंगे।
दसवीं-बारहवीं का रिजल्ट अलग-अलग निकाला जाएगा
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि दसवीं-बारहवीं का रिजल्ट अलग-अलग निकाला जाएगा। रिजल्ट तैयार करने में प्राथमिकता बारहवीं कक्षा को ही दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने दसवीं केलिए तो पहले से ही टाइम लाइन तय की हुई है। पहले दसवीं का रिजल्ट 20 जून को जारी होना था। लेकिन हाल ही में बोर्ड ने दसवीं केअंक जमा कराने की तिथि को आगे बढ़ा कर 30 जून कर दिया था। इस कारण से दसवीं का रिजल्ट जून में जारी नहीं हो सकेगा।
प्रैक्टिकल कराने के लिए स्कूल जल्दबाजी नहीं करें
सीबीएसई का कहना है कि कोविड-19 की स्थितियों केकारण जिन स्कूलों में कुछ प्रैक्टिकल नहीं हो सके। उन स्कूलों को प्रैक्टिकल कराने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। बोर्ड ने छात्र हित में फैसला लिया है ऐसे में स्कूलों को बोर्ड के इतर जाकर उसके विरोध काम नहीं करना चाहिए। दरअसल देशभर में सीबीएसई से संबद्धित कुछ स्कूलों से ऐसी सूचना मिल रही है कि वो बच्चों को प्रैक्टिकल के लिए बुला रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि मूल्यांकन के लिए जो पॉलिसी तैयार की जाएगी उसमें प्रैक्टिकल के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। इसलिए स्कूलों को जल्दबाजी ना कर इंतजार करना चाहिए।