द्वारका सेक्टर-9 स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल
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दिल्ली सरकार द्वारका सेक्टर-9 स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल को मेडिकल कॉलेज की सौगात देने जा रही है। कॉलेज द्वारका सेक्टर-17 में बनेगा और 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा। पहले सत्र में 125 सीटों पर दाखिला मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि इंदिरा गांधी अस्पताल में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद दिल्ली डॉक्टरों की नई फौज तैयार करने में सक्षम होगी। साथ ही ऐसे छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले का अवसर मिलेगा जो गरीबी के कारण भारी भरकम फीस वाले निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने में असमर्थ है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इंदिरा गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में छात्रों की पढ़ाई के साथ शोध पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि यह मेडिकल कॉलेज शोध और मौलिकता का पॉवर हाउस बनकर उभरे।
अस्पताल के निदेशक डॉ. बीएल चौधरी के मुताबिक, देश को अच्छे डाक्टरों की जरूरत है। इस दिशा में द्वारका सेक्टर-17 में आधुनिक तकनीक व स्वास्थ्य सेवाओं पर आधारित मेडिकल स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया। इससे मेधावी छात्रों और समग्र रूप से समाज को लाभ मिलेगा। प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा एनईईटी के माध्यम से किया जाएगा।
600 बेड वाले मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल की सुविधा इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर का एक हिस्सा खाली रखा गया है जिस पर भविष्य में मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल बनेगा। यहां प्रसव के बाद शिशु की बेहतर देखभाल की जाएगी। करीब 600 बेड का यह अस्पताल सभी सुविधाओं से लैस रहेगा। इसमें मां और नवजात से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए विशेष स्तर पर कार्य को लेकर तैयारी शुरू की जा रही है।
अस्पतालों के विस्तार पर काम कर रही सरकार : जैन
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में अगले कुछ वर्षों के दौरान बिस्तरों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। विभिन्न अस्पतालों के विस्तार पर काम चल रहा है। सरकार अपने लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की सेवा के लिए समर्पित है। यही वजह है कि दिल्ली के निवासियों को किफायती और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जा रही है।