ऐतिहासिक लाल किले में अब प्राचीन जड़ी-बूटियां संजोई जाएंगी। आयुर्वेदिक औषधीय गुण वाली बूटियां इसके प्रांगण की शोभा बनेंगी। फलदार पौधे व छायादार वृक्ष भी इस प्रांगण में होंगे। ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा में लगे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) के जवान इस मुहिम में जुटे है।
सीआईएसएफ एनसीआर सेक्टर के महानिरीक्षक दयाल गंगवार ने खुद इसकी कमान संभाली है। उन्होंने बताया कि इसके लिए नर्सरी तैयार की गई है। इसमें फलदार पेड़, छायादार पेड़ और करीब 20 तरह के औषधीय गुणों वाले पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं। इस तरह का अभियान दिल्ली ही नहीं गाजियाबाद में भी चलाया जा रहा है।
लाल किला परिसर में वृहद पौधरोपण अभियान शुरू करने के मौके पर गंगवार ने आह्वान किया कि सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित करना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण भेंट कर सकें। कोरोना महामारी का सबक है कि जवानों को कुछ ऐसा काम करना है कि प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन की कमी न हो।
आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ वातावरण भेंट करना चाहते हैं तो पौधरोपण, जल पुनर्चक्रीकरण, भूजल को बढ़ाने के प्रति जागरूक होना होगा। सीआईएसएफ ने अभियान के तहत बीस हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें अधिकतर औषधीय पौधे हैं। पेड़ बनने पर इनसे रोगों का शुरुआती उपचार संभव होगा।