राजधानी में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते दस दिन में करीब चार हजार लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। इस साल ऐसा पहली बार है कि दस दिन में ही इतने मामले आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर का असर अब दिल्ली में भी दिख रहा है। ऐसे में कोविड नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया गया तो केस और तेजी से बढ़ेंगे।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 7 से 17 मार्च के बीच संक्रमण के 3,995 मामले आए हैं। इस दौरान रोजाना औसतन 400 लोग संक्रमित मिले हैं, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 130 का था। संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ-साथ अब स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या में भी कमी आ रही है। इससे सक्रिय मरीज भी बढ़कर 2702 हो गए हैं। फरवरी में इनकी संख्या करीब एक हजार रह गई थी।
बीते माह के मुकाबले मरीज बढ़ने की रफ्तार अब तीन गुना हो गई है। इस पर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। एम्स अस्पताल के डॉक्टर विक्रम बताते हैं कि इस समय देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर देखी जा रही है। महाराष्ट्र, केरल पंजाब व मध्य प्रदेश में केस तेजी से बढ़ रहे हैं। अब दिल्ली में भी दैनिक मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। इसका बड़ा कारण यह है कि बाजारोें और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ उमड़ रही है। लोग कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
बढ़ाई गई सख्ती
संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी सख्ती शुरू कर दी है। बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की रैंडम जांच की जा रही है। साथ ही जो लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, उनका चालान किया जा रहा है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है कि वह अपने क्षेत्रों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराए। बाजारों में सिविल डिफेंस के अतिरिक्त वालंटियर तैनात करके जांच अभियान चलाया जाए। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।