तिहाड़ जेल में मोबाइल का इस्तेमाल आईएम का खूंखार आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू ही नहीं, बल्कि छह से सात लोग कर रहे थे। इनमें से पांच आतंकी बताए जा रहे हैं। यह खुलासा पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में हुआ है।
जेल में दो मोबाइल पहुंचने के मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार को कोर्ट से तहसीन अख्तर से पूछताछ की अनुमति मांगी। सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोर्ट ने अनुमति दे दी है। शनिवार को स्पेशल सेल की टीम तहसीन अख्तर को पूछताछ के लिए तिहाड़ जेल से अपने कार्यालय लेकर आएगी।
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि तहसीन के कब्जे से बरामद सिम तिहाड़ जेल से करीब पांच किमी दूरी स्थित उत्तम नगर से खरीदा गया था। सिम खरीदते समय दिया गया वैकल्पिक मोबाइल नंबर भी उत्तम नगर से ही खरीदा गया था।
सेल ने सिम बेचने वाले दुकानदार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। सेल के अधिकारियों को आशंका है कि दोनों ही मोबाइल नंबर फर्जी आईडी व नाम पर खरीदे गए हैं। सेल के अधिकारियों ने शुक्रवार को तिहाड़ जेल जाकर आतंकी से बरामद दोनों मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। स्पेशल सेल इस फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।
स्पेशल सेल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि तहसीन जेल में सस्ते नहीं, बल्कि वीवो और ओप्पो कंपनी के महंगे 4जी मोबाइल का इस्तेमाल कर सिम को चला रहा था। वह जेल में 4जी इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा था।
आशंका है कि ये दोनों फोन जेल में फेंककर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से पहुंचाए गए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों ही मोबाइल नंबर कुछ महीने चले थे। वैकल्पिक नंबर अब बंद है। पुलिस जेल में आतंकियों के मददगारों की तलाश कर रही है।
मोबाइल से अन्य जेलों में लगातार होती थी बात
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि वीवो कंपनी वाले मोबाइल से दिल्ली की अन्य जेलों में लगातार बात होती थी। हालांकि इस बारे में पुलिस अधिकारी ने ज्यादा कुछ बताने से इनकार कर दिया। वीवी के मोबाइल से तिहाड़ में बंद एक व्यक्ति दिल्ली में लोकल बात करता था। इसी व्यक्ति से सुरक्षा एजेंसियों को सुराग मिला था।
पाकिस्तान और अन्य जगह बात होने की आशंका
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि तहसीन इन मोबाइलों से पाकिस्तान व अन्य जगहों पर बात करता था। हो सकता है कि वह देश में किसी आतंकी वारदात की साजिश रच रहा हो। फोरेंसिक जांच के बाद ही पता लगेगा कि तहसीम मोबाइल से कहां-कहां बात करता था। माना जा रहा है कि वह इससे इंटरनेट कॉलिंग वीओआईपी और व्हाट्स एप कॉल करता था।
दिल्ली सरकार ने दिए जांच के आदेश
दिल्ली सरकार ने तिहाड़ जेल में दो मोबाइल व सिम मिलने के मामले को गंभीरता से लिया है। दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने माना कि यह सुरक्षा में बड़ी चूक है। उन्होंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं।