नए कृषि कानूनों के खिलाफ 26 मार्च को प्रस्तावित भारत बंद को सफल बनाने के लिए बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के साथ अलग अलग संगठनों की बैठक हुई। इसमें ट्रेड यूनियन, व्यापारी, किसान संगठन, आढ़ती, ट्रांसपोर्टर और छात्र संगठनों ने सभी पहलुओं पर मंथन किया। सभी संगठनों ने किसानों के समर्थन में आंदोलन तेज करने और भारत बंद को सफल बनाने की अपील की। संगठनों ने सभी धरना स्थलों पर अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की।
सयुंक्त किसान मोर्चा ने धरना स्थलों के आसपास अधिक बैरिकेडिंग किए जाने पर संज्ञान लेते हुए इसे गैरकानूनी और तर्कहीन बताया। मोर्चा ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि आंतरिक सड़कों से बैरिकेडिंग हटाने की मांग की ताकि स्थानीय लोगों की परेशानियां कम हो सके।
संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. दर्शन पाल ने बताया कि 18-23 मार्च के दौरान शहीद यादगार किसान मजदूर पदयात्रा निकाली जाएगी। शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीद दिवस पर हरियाणा, यू.पी और पंजाब के किसान मजदूर पदयात्राओं की तैयारियां कर रहे हैं।
तीन पद यात्राएं
- 18 मार्च को पहली पदयात्रा लाल सड़क हांसी(हिसार) हरियाणा से शुरू होकर 23 मार्च को टीकरी बार्डर पहुंचेगी
- दूसरी पदयात्रा पंजाब के खटकड़ कलां से शुरू हो कर पानीपत पहुंचेगी। इसके बाद हरियाणा के जत्थे के साथ मिलकर पैदल 23 मार्च को सिंघु बार्डर पहुंचेगी
- तीसरी पदयात्रा मथुरा से शुरू होकर पलवल पड़ाव पर पहुंचेगी
कर्नाटक के गांवों से इकट्ठा मिट्टी लेकर सिंघु पहुंचेंगे किसान
कर्नाटक में 400 किलोमीटर की पदयात्रा तय मार्ग पर ग्रामीणों के साथ आगे बढ़ रही है। 23 मार्च को बेल्लारी में यात्रा पूरी होगी। कर्नाटक के गांवों से इकट्ठा की जा रही मिट्टी को लेकर छह अप्रैल को
ोसिंघु बॉर्डर पर लाया जाएगा। इससे किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों की याद में स्मारक बनाए जाएंगे। दिल्ली की सीमाओं पर देश के अलग अलग प्रदेशों से लाई जाने वाली मिट्टी से स्मारक बनाए जाएंगे।