चांदनी चौक के सौंदर्यीकरण के साथ ही इस क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त करने की कवायद की जा रही है। स्थानीय प्रशासन कारोबारी इलाके को कैसे प्लास्टिक मुक्त करें और इसका कैसे निपटान किया जाए, इसे लेकर समाधान तलाश रहा है। चांदनी चौक के व्यापारियों से भी इस मुहिम में सहयोग के साथ समाधान तलाशने को कहा गया है।
कई व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से डीएम आकृति सागर की शुक्रवार को मुलाकात भी हुई। इस दौरान सागर ने व्यापारियों के सामने समाधान ढूंढने के साथ ही यह भी बताया कि किसी एनजीओ के सहयोग से समाधान तलाशे।
प्रतिनिधिमंडल ने नो एंट्री जोन की वजह से व्यापार में आने वाली रुकावटों से भी अवगत किया। मर्केन्टाइल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्रीभगवान बंसल ने बताया कि व्यापारियों ने सुबह नौ से रात के नौ बजे तक लोडिंग-अनलोडिंग पर प्रतिबंध लगाने की वजह से हो रहे नुकसान से अवगत कराया गया।
व्यापारियों ने बताया की इस प्रतिबंध से व्यापार चौपट हो गया है और अगर इस नियम में बदलाव नहीं किया गया तो पुरानी दिल्ली का थोक व्यापार खत्म हो जाएगा। सुबह से दोपहर 12 बजे तक इलाके में लोडिंग-अनलोडिंग की सुविधा दी जाए।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राकेश कुमार यादव ने बताया कि सदर बाजार को प्लास्टिक मुक्त करने की दिशा में प्रयास करने को डीएम ने कहा। इसके लिए सरकार द्वारा एक एनजीओ का सहयोग लिया जाएगा और व्यापारिक संस्थाओं को साथ लेकर इस दिशा में सार्थक प्रयास किया जाएगा।
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार के राजेंद्र शर्मा ने बताया कि चौंदनी चौक पुनर्निर्माण से किसी को आपत्ति नहीं है, परंतु इसकी वजह से लाखों लोगों के रोजगार को चौपट नहीं किया जा सकता। प्रतिनिधिमंडल में राजेंद्र शर्मा, सुधीर जैन, योगेन्द्र चौधरी, पंकज शर्मा, नरेश सैनी, भरत आहूजा आदि शामिल रहे।