दक्षिणी दिल्ली के निवासियों को अब कॉलोनियों से लेकर प्रमुख बाजारों में भी ई-बाइक की सुविधा मिलेगी। निगम ने इसका खाका पूरी तरह से तैयार कर लिया है और जरूरी मंजूरी भी मिल चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस नीति को आगामी तीन महीने के भीतर जमीन पर उतार लिया जाएगा। इसके अलावा यह सुविधा मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड, पर्यटन स्थल व पार्क आदि के पास भी मिलेगी।
शुरुआत में बनाए जाएंगे 100 स्टैंड
दक्षिणी निगम क्षेत्र में शुरुआती चरण में 100 स्टैंड बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रमुख कॉलोनियां व बाजारों को चिन्हित किया जा रहा है। अधिक रिहायिश व चहल-पहल वाले बाजारों में इसके स्टैंड बनाए जाएंगे। दक्षिणी निगम के लाभकारी परियोजना विभाग के उपायुक्त प्रेमशंकर झा ने बताया कि बाइक स्टैंड के लिए निगम को कम से कम 200 वर्गफीट जमीन की आवश्यकता होगी। इतनी जगह में सीमित संख्या में ई-बाइक को उपलब्ध कराया जाएगा।
चार से पांच किलोमीटर तक की होगी रेंज
ई-बाइक में जीपीएस की सुविधा होगी। साथ ही इसका रेंज चार से पांच किलोमीटर तक तय की जाएगी। इसके लिए लोगों को सुरक्षा राशि भी जमा करानी होगी। हालांकि, ई-बाइक वापस करने पर यह राशि खाते में आ जाएगी। अधिकारी ने बताया कि ई-बाइक लोगों की सुविधा के हिसाब से हल्की वजनी होगी व मोटर कानून के हिसाब से इनकी अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी।
सुबह छह बजे से लेकर रात 11 बजे तक मिलेगी सुविधा
ई-बाइक सुविधा सुबह छह बजे से लेकर रात 11 बजे तक मिलेगी। इस सुविधा से उन लोगों को विशेषकर फायदा होगा जिन लोगों के यहां रात आठ या नौ बजे के बाद सार्वजनिक वाहन मिलने में परेशानी होती है। ई-बाइक की सुविधा से वे भी बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए घर पहुंच सकते हैं।
साप्ताहिक से लेकर एक वर्ष तक का बना सकेंगे पास
लोगों की सुविधा को देखते हुए इसकी सदस्यता का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत चार श्रेणियों में पास को रखा गया है। इसमें एक वर्ष, तीन माह, एक माह और साप्ताहिक पास की सुविधा उपलब्ध रहेगी। एक बार पास लेने पर बार-बार पंजीकरण कराने की भी आवश्यता नहीं होगी। उपभोक्ता सिर्फ क्यूआर कोड स्कैन कर ई-बाइक की सुविधा का आनंद ले सकते हैं।