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पांच घंटे में ही भर गया डीआरडीओ सेंटर, बड़े अस्पताल हाई अलर्ट मोड में

Wed, 21 Apr 2021 07:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

  • डीआरडीओ सेंटर भरने से और अस्थायी अस्पताल बनना शुरू
  • अगले 10 दिन सबसे अहम, तेजी से बढ़ सकते हैं मरीज
  • एम्स, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग में बिस्तर बढ़ाने के लिए लगने लगे हैं तंबू
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demo pic... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से डीआरडीओ का सेंटर पांच घंटे में ही हाउसफुल हो गया। यह सूचना मिलने के बाद केंद्र सरकार ने सीएसआईआर सहित अन्य वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थानों को मैदान में उतारा है। मंगलवार को दिल्ली के एम्स, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन अस्पतालों में पड़ी खाली जगहों पर अस्थायी अस्पताल बनना शुरू हो चुका है। 

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार डीआरडीओ ने 500 बिस्तर की क्षमता युक्त अस्थायी अस्पताल बनाया था लेकिन दिल्ली की मांग इससे कहीं ज्यादा है। अगले 10 दिन दिल्ली के लिए सबसे अधिक चुनौतिपूर्ण हैं। इसीलिए अब सीएसआईआर ने सफदरजंग  और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में खाली पड़ी भूमि पर अस्थायी अस्पताल बनाना शुरू कर दिया है।

इस काम में तकरीबन पांच से छह दिन का वक्त लग सकता है। तंबू लगाकर बिस्तर, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था की जा रही है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने गैर कोविड मरीजों को लेकर राजधानी के डॉक्टरों से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को टेलीमेडिसिन के जरिए उपचार किया जाए। इससे सबसे बड़ा फायदा संक्रमण के फैलाव को रोकने से होगा। साथ ही इस तरह स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। 
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि तीन दिन पहले एम्स ने ट्रामा सेंटर में 70 से 80 बिस्तर बढ़ाने का फैसला लिया था। इसके अलावा झज्जर स्थित एम्स के कैंसर अस्पताल में भी 100 बिस्तर बढ़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिन काफी गंभीर होने की वजह से वर्तमान बिस्तरों की संख्या पर्याप्त नहीं है। इसीलिए सीएसआईआर अब अस्थायी अस्पताल पर काम शुरू कर चुका है। 

संक्रमित गर्भवती महिला के लिए नहीं है बेड
दिल्ली में गर्भवती महिलाओं के लिए भी बड़ी समस्या खड़ी हो चुकी है। अगर कोई गर्भवती महिला कोरोना संक्रमित है तो उसके लिए केंद्र सरकार के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में चिकित्सीय सेवाओं का बंदोबस्त किया गया लेकिन वहां की स्थिति यह है कि एक भी बेड खाली नहीं है। ऐसे में संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी परेशानी खड़ी हो चुकी है। जामिया नगर निवासी फरेहा खान आठ माह की गर्भवती और कोरोना संक्रमित हैं। बीते सोमवार को दिन भर अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद उन्हें देर रात होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कर लिया लेकिन उनकी तबियत काफी बिगड़ चुकी है। 

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