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#LadengeCoronaSe : अपना क्लीनिक छोड़कर कोविड मरीजों की सेवा में जुटे डॉक्टर

Thu, 29 Apr 2021 04:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली

सार

  • कोविड केयर सेंटर बनाकर ऑक्सीजन, दवा और मेडिकल सुविधा करा रहे उपलब्ध
  • कुछ संगठन के लोग मिलकर कर रहे हैं पीड़ितों की मदद
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खुद ही रिसेप्शन पर बैठे हैं डॉ. सुमन... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लचर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से लोगों की सांसें उखड़ रही हैं। दर-दर भटकने के बाद भी ऑक्सीजन और डॉक्टर नहीं मिलने के कारण मरीज दम तोड़ रहे हैं। इन विकट परिस्थितियों में कुछ संगठन लोगों की जान बचाने का पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। एक डॉक्टर तो अपना क्लीनिक छोड़कर कोविड मरीजों की सेवा में जुटे हैं।

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रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और सेवा भारती संगठन जिंदगी-मौत से जूझ रहे लोगों को बचाने में जुटे हैं। संसाधन की कमी के बावजूद अपने स्तर पर कोविड मरीजों का उपचार कर रहे रहे हैं। इन संगठनों के साथ जुड़े डॉक्टर भी सेवाभाव के साथ मरीजों को ऑक्सीजन, दवा, खाना देकर आस बंधाए हुए हैं। बड़ी बात यह है कि डॉक्टर अपना निजी क्लीनिक छोड़कर जनता की सेवा में तत्पर हैं।

मुखर्जी नगर की डीडीए एसएफएस सोसायटी व नरेला स्थित स्वतंत्र नगर के लाला दीपचंद अग्रवाल मेमोरियल अस्पताल को स्थानीय एसडीएम की तरफ से कोविड आइसोलेशन सेंटर के लिए स्वीकृति मिली है। इन दोनों जगहों पर कोविड मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई है, ताकि प्राथमिक चिकित्सा दी जा सके। मुखर्जी नगर कोविड केयर सेंटर से जुड़े प्रोफेसर चंद्रचूड़ सिंह, पवन शर्मा व नरेला में सेवा भारती के सहयोगी अरुण सिंह व्यवस्था संभाल रहे हैं।
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नरेला में बनाया 15 बिस्तरों वाला अस्पताल
नरेला स्थित लाला दीपचंद मेमोरियल अस्पताल को कोविड क्वारंटीन सेंटर में तब्दील किया गया है। सेवा भारती संघ की तरफ से तैयार 15 बेड वाले इस अस्पताल में कोविड मरीजों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। डॉ. पवन बंसल का कहना है कि ज्यादा तबीयत खराब होने पर मरीजों को एसडीएम से कहकर हरीशचंद अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। डॉ. बंसल अपना निजी अस्पताल बंद कर कोविड मरीजों को यहां इलाज कर रहे हैं। सेवा भारती के अरुण कौशिक का कहना है कि पंद्रह बेड में पांच बेड महिला मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है।  आवश्यकता पड़ने पर 15 से बढ़ाकर 50 बेड वाला सेंटर बना दिया जाएगा।

छोटे अस्पताल जैसी दी जा रही हैं सुविधा
कोविड मरीजों की लाचारी जगजाहिर है। ना तो निजी अस्पताल में जगह है और ना ही सरकारी में। ऐसे में सोसायटी के लोगों के सहयोग से ही कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था की गई है। यहां बेड की उपलब्धता के साथ ऑक्सीजन की भी व्यवस्था है। लोगों की आरटीपीसीआर जांच भी कराई जा रही है। जांच केंद्रों से संपर्क साध कर मरीजों को सीटी स्कैन समेत अन्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोविड मरीजों को घर जाकर देखने के साथ ही उन्हें टेलीफोनिक सुविधा भी दी जा रही है। यानी, छोटे अस्पताल जैसी यहां सुविधाएं दी जा रही हैं।
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- डॉ. सुमन, एसएफएस सोसायटी, मुखर्जी नगर 

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