घरों में इलाज करवा रहे मरीजों का भी पुलिस मदद कर रही है। मरीजों के कहने पर उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया करवा रही है। मुखर्जी नगर में रहने वाले एक ही परिवार के तीन सदस्य कोरोना संक्रमित हैं। उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। इस बात की जानकारी मिलने के बाद बुधवार देर रात मुखर्जी नगर थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ मायापुरी से तीन सिलेंडर मुहैया कर उनकी मदद की। सिलेंडर मिलने के बाद गुरुदत्त भोला(62), गौरी(57) और करण(25) ने पुलिस को मदद करने के लिए धन्यवाद कहा।
इसी तरह सब इंस्पेक्टर नवीन और हवलदार विजय ने सूचना मिलने के बाद त्रिनगर में एक मरीज को सिलेंडर मुहैया करवाया। वहीं सुभाष नगर थाना प्रभारी ने सूचना मिलने पर कोहाट एंक्लेव में रहने वाले एक बुजुर्ग मरीज गुरमीत(66) को समय रहते ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया करवाया। वहीं नजफगढ़ में तैनात सिपाही धरमवीर ने बुजुर्ग दंपति यूआरपी सिन्हा और उनकी पत्नी नीना सिन्हा को सिलेंडर मुहैया कर उनकी जान बचाई। सूचना मिलने के बाद सिपाही ने मरीजों के घर से खाली सिलेंडर लेकर मुंडका पहुंचा।
जहां से भरी सिलेंडर लेकर रात साढ़े 12 बजे उन्हें घर पर मुहैया करवा दिया। वहीं द्वारका साउथ थाने में तैनात सिपाही झाबड़मल ने एक शख्स को फेबी फ्लू दवा मुहैया करवाया। मरीज के परिजनों को यह दवा दुकान से नहीं मिल पाया था।
एएसआई ने कराया अंतिम संस्कार
राजधानी में महामारी का खौफ इतना है कि अन्य बीमारी से मौत होने के बाद भी परिजन अपनों के शव को हाथ नहीं लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गोकुलपुरी इलाके में सामने आया है। जहां एक शख्स की मौत के बाद कोरोना के डर से परिजनों ने शव को हाथ तक नहीं लगाया। ऐसे में थाने में तैनात एक एएसआई ने मानवता का परिचय देते हुए उस शख्स का अंतिम संस्कार किया।
उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त संजय सेन ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे एक युवक की घर में मौत होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाने में तैनात एएसआई सुशील घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक की शिनाख्त सोनू कुमार(35) के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि तीन चार दिन से सोनू को बुखार था। रात में अचानक उसकी तबियत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव को अस्पताल ले जाने के लिए परिवार वालों का सहयोग लेने की कोशिश की लेकिन सोनू की मां, पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने शव को छूने से इंकार कर दिया। उन्हें शक था कि सोनू की मौत कोरोना महामारी के चपेट में आने से हुई है। ऐसे में सुशील निजी एंबुलेंस मंगवाकर शव को अस्पताल पहुंचाया और शव को मोर्चरी में रखवा दिया।
मंगलवार को सोनू का पोस्टमार्टम होना था। सूचना देने के बावजूद परिवार का कोई भी सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचा। एएसआई ने सोनू का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को अशोक नगर स्थित श्मशान घाट ले गए और पूरी रीति रिवाज से उसका अंतिम संस्कार किया। एएसआई सुशील के इस काम के लिए दिल्ली पुलिस ने उसे अपना हीरो बताया है।