अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सरकार संवेदनशील हो गई है। अस्पताल प्रशासन से बार-बार ऑक्सीजन की मांग, अस्पतालों के बाहर मरीज के तीमारदारों की बदहवास स्थिति और ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए दर-बदर भटकते देख जहां अदालत ने खुद संज्ञान लिया है तो वहीं दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी हरकत में आ गई है। दिल्ली के सभी प्रशासनिक व्यवस्था व अधिकारियों को ऑक्सीजन की मॉनीटरिंग के लिए जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव की तरफ से जारी आक्सीजन प्रबंधन नियमों के तहत कहा गया है कि संबंधित सभी अधिकारी आदेश के कड़े प्रवर्तन को सुनिश्चित करे। सख्त निर्देश को माने। दिल्ली पुलिस द्वारा ऑक्सीजन टैंकरों की आवाजाही और नियंत्रण की निगरानी करें।
विभिन्न चेकपोस्ट पर टेंकरों के प्रवेश व निकास का रिकार्ड रखे। उन्हें तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया जाएगा। इसके अलावाए एक ग्रीन कॉरिडोर सभी टैंकरों के लिए बनाए। विशेष पुलिस आयुक्त को इस प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सरकारी व निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन आवंटन में सहयोगी बने।
अस्पतालों के जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि एक समिति गठित कर ऑक्सीजन ऑडिट की जाए। मेडिकल ऑक्सीजन के उपयोग को तर्कसंगत बनाने के लिए एक ऑडिट समिति की नियुक्ति करे। समिति ऑक्सीजन के उपयोग और स्टॉक पर डेटा भी एकत्र करेगी।
नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति अस्पताल प्रशासन करे जो मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के समन्वय और निवारण से संबंधित किसी भी मामले में चौबीस घंटे उपलब्ध रहेंगे। ऑक्सीजन प्रबंधन के लिए दिल्ली के आईएएस ऑफिसरों की जिम्मेदारी तय की गई है जो समन्वय स्थापित कर ऑक्सीजन की उपलब्धता कराएंगे।