कोरोना महामारी ने लोगों को बेदर्द बना दिया है। मुश्किल समय में रिश्तेदार और पड़ोसी भी पीड़ित परिवार की मदद नहीं कर रहे हैं। दक्षिण दिल्ली के सीआर पार्क इलाके में बुधवार
को दो कारोबारी भाइयों की मौत हो गई। घर में 78 वर्षीय मां के अलावा दूसरा कोई नहीं बचा। खुद मां भी कोरोना पीड़ित हैं। लेकिन कोई रिश्तेदार या पड़ोसी मदद के लिए नहीं पहुंचा।
बुजुर्ग महिला ने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने 45 साल के प्रशांत भूटानी और छोटे भाई विक्रांत भूटानी (42) के शवों को घर से निकलवाकर उनके अंतिम संस्कार का इंतजाम किया। एसडीएम को सूचित करने के बाद दोनों का पूरे सम्मान के साथ निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। फिलहाल पुलिस बुजुर्ग मां की भी देखभाल करवा रही है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि बुधवार दोपहर के समय सीआर पार्क थाना पुलिस की टीम को सूचना मिली कि एक घर में दो कारोबारी भाई अचेत पड़े हुए हैं। पुलिस तुरंत घर पहुंची तो वहां बुजुर्ग महिला मिली। उसने बताया कि घर में वह और उसके दोनों अविवाहित बेटे रहते हैं। तीनों ही कोरोना पॉजिटिव हैं।
तीनों अलग-अलग कमरे में आइसोलेट हैं। पुलिस विक्रांत और प्रशांत के कमरे में पहुंची तो वह अपने बिस्तर पर मृत थे। जांच के दौरान पता चला कि मंगलवार रात को इनके काम करने वाली नौकरानी ने दोनों को ठीक देखा था। अगले दिन दोपहर में जब वह आई तो दोनों अचेत थे। घटना से बुजुर्ग महिला बुरी तरह आहत हो गई।
पुलिस ने उनकी काउंसलिंग कराई। इसके बाद दोनों शवों को मोर्चरी भेजा गया। इसके बाद एसडीएम को सूचना दी गई। दोनों के अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं आया तो पुलिस ने खुद ही अगले दिन दोनों का कोविड प्रोटोकॉल के तहत निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार करवा दिया। दोनों भाइयों का गुरुग्राम में पत्थर का कारोबार था।