दिलशाद गार्डन डिस्ट्रिक्ट सेंटर जेजे कॉलोनीवासियों के अच्छे दिन आने वाले हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने यहां के लगभग 3367 परिवारों को नए सिरे से बसाने के लिये मसौदा तैयार कर लिया है।
इन सब को तीन साल के भीतर अपना पक्का मकान मिल जाएगा। डीडीए के अनुसार 468.10 करोड़ रुपये खर्च कर यहां की तीन जेजे कॉलोनियों (कलंदर कॉलोनी, दीपक कॉलोनी और दिलशाद विहार कॉलोनी) के 6.236 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर भवनों के निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
जब तक भवनों का निर्माण चलेगा तबतक यहां के सभी परिवारों को दूसरी जगह पर रहने के लिये 6000 रुपया प्रति माह किराया डीडीए की तरफ से दिया जाएगा।
पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल से दिलशाद गार्डन जेजे कॉलोनी के पुनर्विकास का कार्य किया जाएगा। डीडीए ने इस विकास कार्य में हिस्सेदारी निभाने के लिए निजी क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को प्रस्तावित किया है।
निजी क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां को 19 अप्रैल से पहले इस कार्य से जुड़ने के लिए कहा गया है। डीडीए के मुताबिक इस विकास कार्य के अंतर्गत 60% क्षेत्रफल में निवास के लिए भवन बनाए जाएंगे, जबकि 40% क्षेत्रफल में व्यवसाय के लिये दुकानें बनाई जाएंगी। रहने के लिए बनाए जाने वाले भवन 1 वर्ग मीटर कार्पेट क्षेत्र सहित 28 वर्गमीटर आकार के होंगे।
दिसंबर तक 7500 परिवारों को मिल जाएगा अपना घर
- कालकाजी एक्सटेंशन, जेलरवाला बाग और कठपुतली कॉलोनी में डीडीए का पुनर्विकास कार्य चल रहा है। डीडीए ने कहा है कि इसी साल दिसंबर तक यहां 7500 ईडब्ल्यूएस आवास बनकर तैयार हो जाएंगे और लोगों को मिल जाएंगे।
- दिल्ली विकास प्राधिकरण और केंद्र सरकार की भूमि पर लगभग ऐसे 490 जेजे कॉलोनियां हैं, डीडीए इनके विकास का मसौधा तैयार करना है।
- डीडीए ने अबतक 376 ऐसे जेजे कॉलोनियों को चिन्हित किया है, जिन्हें पीपीपी मॉडल से विकसित करने की योजना है। रेलवे, रक्षा विभाग जैसी अन्य एजेंसिंयों से सहमति मिलनी बाकी है।
- जिनमें से 30 जेजे कॉलोनियों के पुनर्विकास के लिये 16 परियोजनाओं की रूपरेखा डीडीए की ओर तैयार की जा रही है। जिससे 34000 परिवारों का पुनर्विकास होगा।
- डीडीए ने 10 जेजे कॉलोनियों के पुनर्विकास की 6 परियोजनाओं का डीपीआर (डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार किया है। जिसके अंतर्गत लगभग 9600 परिवारों को पक्का आशियाना मिलेगा।
- दिलशाद गार्डेन के बाद बाकी की पांच परियोजनाओं (पीतमपुरा व शालीमार बाग, रोहिणी सेक्टर-18 सूरज पार्क, रोहिणी सेक्टर-18 बादली गांव, रोहिणी एक्सटेंशन, हैदरपुर) का विकास कार्य शुरू होगा।