दिल्ली में कोवैक्सीन का स्टॉक ख़त्म हो गया है। इसके कारण दिल्ली के सौ से ज्यादा वैक्सीन केंद्र बंद करने पड़े हैं। इसके कारण 18 से 44 वर्ष तक के लोगों का कोवैक्सिन के माध्यम से होने वाला वैक्सीनेशन बंद कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने पहली बार वैक्सीन स्टॉक को लेकर विस्तृत आंकड़े जारी किए हैं। इससे पहले सरकार हर दिन हेल्थ बुलेटिन में कुल टीकाकरण के आंकड़े ही सार्वजनिक कर रही थी।
जानकारी के मुताबिक़ हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोवैक्सीन का केवल 4 दिन का और कोवीशील्ड का केवल 3 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। दिल्ली सरकार हर दिन 3 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने की कोशिश कर रही है और इस क्षमता तक पहुंच रही है, लेकिन वैक्सीन का स्टॉक कम होने से इस लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो गया है।
आप विधायक आतिशी ने बुधवार को वैक्सीन बुलेटिन जारी करते हुए कहा कि मंगलवार शाम को कोवीशील्ड की 2,67,690 डोज मिली हैं। अब दिल्ली में कोवीशील्ड वैक्सीन का 9 दिन का स्टॉक उपलब्ध है। दिल्ली में 11 मई को 1,28,800 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। जिसमें से 83,829 लोगों को पहली डोज लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली एक ऐसा शहर है जिसने पिछले डेढ़ साल में कोरोना महामारी का कहर सबसे ज्यादा झेला है। हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार कोवैक्सीन और कोवीशील्ड दोनों की वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी।
कोविशील्ड का स्टॉक भी तीन दिन का ही बचा
दिल्ली में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए कोवाक्सिन का स्टॉक मंगलवार शाम खत्म हो गया है। ऐसे में करीब 125 टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ेगा। दूसरी तरफ, इसी आयु वर्ग के लिए कोविशील्ड का स्टॉक भी तीन दिन का ही बचा है। इस बीच केंद्र सरकार पर्याप्त वैक्सीन मुहैया नहीं कराती है तो टीकाकरण अभियान रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। हालांकि सरकार को उम्मीद है कि कोविशील्ड की 2.67 लाख डोज दिल्ली को मिलनी है।