ठीक एक साल पहले 24 मार्च को पूरा देश लॉक कर दिया गया था। आज मामूली बंदिशों के साथ सब कुछ अनलॉक है। लॉकडाउन से अनलॉक तक की कहानी तस्वीरें बयां भी कर रही हैं। सूनी सड़कें, बाजार, बस अड्डे अब आबाद हो चले हैं। इस बीच कोविड-19 से जबरदस्त जंग भी चली।
50 फीसदी से कम हो गए थे यात्री
लॉकडाउन से पहले मेट्रो में 27-30 लाख, बसों में करीब 30 लाख, टैक्सी और ऑटो समेत अन्य परिवहन साधनों का करीब तीन लाख लोग रोजाना उपयोग कर रहे थे। दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी सेवाएं भी धीरे-धीरे अनलॉक हुईं। पाबंदियों के बीच यात्रा करने वालों की संख्या घटकर 50 फीसदी से भी कम हो गईं।
कोरोना संक्रमण दोबारा बढ़ रहा है। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जरूरी है कि लोग कोविड से बचाव के नियमों का पालन करें। लापरवाही इसी प्रकार बरती गई तो आने वाले दिनों में गंभीर परिणाम हो सकते हैं।