उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चौहान बांगर इलाके में भाजपा उम्मीदवार को उपचुनाव में भाजपा परिवार का भी पूरा साथ नहीं मिला। यही वजह रही कि यहां से उम्मीदवार मो. नजीर को केवल 105 वोट मिले हैं और जमानत जब्त हो गई। इससे पहले भी इस वार्ड से भाजपा उम्मीदवार की मात्र 289 वोटों के साथ जमानत जब्त हो चुकी है।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि मंडल में औसतन करीब 25 सदस्य होते हैं। यानी एक सदस्य के परिवार से औसतन पांच सदस्यों को शामिल किया जाए तो 125 लोग होते हैं। इसके बाद सदस्यों के दोस्त व अन्य परिजन भी शामिल होते हैं, लेकिन यहां उम्मीदवार को सिर्फ 105 वोट ही मिले हैं। यह दर्शाता है कि उम्मीदवार को भाजपा परिवार का भी पूरा साथ नहीं मिला है।
दरअसल, चौहान बांगर वार्ड की सीट मुस्लिम बहुल इलाके की महत्वपूर्ण सीट कहलाई जाती है। शुरू से यह सीट भाजपा की पकड़ से दूर रही है। पिछले निगम चुनाव परिणामों की बात करें तो वर्ष 2017 में इस सीट से आप पार्टी से अब्दुल रहमान ने भाजपा के सरताज अहदम को करारी शिकस्त दी थी। अब्दुल रहमान को कुल 8,830 वोट प्राप्त हुए थे जबकि सरताज को केवल 289 वोट मिले थे।
वहीं, कांग्रेस की ओर से मो. जावेद बर्की को कुल 6,488 वोट मिले थे। उस समय भी यहां कड़ा मुकाबला सिर्फ कांग्रेस व आप के बीच माना गया था और भाजपा की झोली में सिर्फ कार्यकर्ताओं के ही वोट रह गए थे। यहां के कुल नोटा की बात करें तो यहां 46 लोगों ने किसी भी उम्मीदवार पर भरोसा नहीं जताया है।
बताया जाता है कि सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र में शुरू से ही कांग्रेस का दबदबा रहा था। यहां से कांग्रेस से पूर्व विधायक चौ. मतीन अहमद भी जनता के लोकप्रिय कहे जाते हैं। वहीं, जुबैर अहमद भी उनके पुत्र हैं, ऐसे में कहीं न कहीं जनता के बीच एक बार फिर वहीं पुराना भरोसा कायम होता दिख रहा है।
दंगे के दंश का भी रहा प्रभाव
चौहान बांगर इलाका उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुई हिंसा का शिकार हुआ था। दंगे के कारण मुस्लिम बहुल इलाके में हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदायों को नुकसान पहुंचा था। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, दंगे के बाद से ही लोगों का मूड बदल गया था और कांग्रेस की ओर झुकाव होने लगा था। यही वजह रही कि इस बार मुस्लिम बहुल इलाके को अपना संरक्षण कांग्रेस की झोली में नजर आ रहा है। इस वजह से लोगों ने रिकॉर्ड तोड़ मतों के साथ भरोसा जताया है।
पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार कांग्रेस को 44 फीसदी अधिक मतदान
चौहान बांगडर वार्ड में पिछले निगम चुनाव के मुकाबले इस बार कांग्रेस को 44 फीसदी अधिक मत मिले हैं। वर्ष 2017 में यहां कांग्रेस उम्मीदवार को 33 फीसदी मत मिले थे जबकि इस बार यह आंकड़ बढ़कर 73.76 फीसदी पर पहुंच गया है। वहीं, इस वार्ड में कुल मतदान का प्रतिशत आंकड़ा 55.60 फीसदी रहा था।
कुल 676 लोगों ने दबाया नोटा
पांचों वार्ड में कुल 676 लोगों का किसी भी उम्मीदवार पर भरोसा नहीं दिखा है। इसमें सबसे अधिक पॉश इलाकों में शामिल रोहिणी में 212 और शालीमार बाग में 187 लोगों ने नोटा दबाया है। वहीं, चौहान बांगडर में कुल 46, त्रिलोकपुरी में 185 और कल्याणपुरी में 146 लोगों ने नोटा दबाया है। गौरतलब है कि उत्तरी निगम के शालीमार और रोहिणी वार्ड में सबसे कम वोटिंग प्रतिशत 43.33 व 44.58 क्रमश: रहा था।