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Delhi News : खादी के नाम से पीपीई किट, सैनिटाइजर और फायर बॉल बेचने पर रोक

Wed, 03 Aug 2022 05:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Delhi High Court  : अदालत ने माना कि यह सरासर पंजीकृत खादी ट्रेड मार्क का दुरुपयोग है। इस मामले में अदालत ने खादी बाय हेरिटेज को आरोपी मानते हुए संस्था पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने उसे यह राशि खादी और ग्रामोद्योग आयोग को अदा करने का निर्देश दिया है। 
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने खादी बाय हेरिटेज द्वारा खादी के नाम से  पीपीई किट, हैंड सैनिटाइजर और फायरबॉल इत्यादि के बेचने पर रोक लगा दी है। अदालत ने माना कि यह सरासर पंजीकृत खादी ट्रेड मार्क का दुरुपयोग है। इस मामले में अदालत ने खादी बाय हेरिटेज को आरोपी मानते हुए संस्था पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने उसे यह राशि खादी और ग्रामोद्योग आयोग को अदा करने का निर्देश दिया है।

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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि वादी के निशान खादी के इस तरह के दुरुपयोग को अदालत द्वारा माफ नहीं किया जा सकता है। प्रतिवादी ने खादी ग्रामोद्योग के चिन्ह और नाम, लोगो आदि का खुलेआम उपयोग किया है। यह जानबूझकर और दुर्भावना से भरा कृत्य है। इस मामले में खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने  वैधानिक निकाय के रूप में चरखा लोगो के साथ खादी चिन्ह के पंजीकृत मालिक होने का दावा करते हुए मुकदमा दायर किया था।

याची ने कहा कि प्रतिवादी खादी बाय हेरिटेज विभिन्न रूपों में व्यापारिक शैली खादी बाय हेरिटेज कॉर्पोरेट नाम के साथ-साथ चिन्ह और चरखा लोगो का उपयोग कर रहा है। प्रतिवादियों द्वारा संचालित वेबसाइट पर चरखा लोगो और ट्रेडमार्क खादी बाय हेरिटेज का इस्तेमाल किया गया। यही नहीं नाम और ब्रांड के तहत जैविक, प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल कॉस्मेटिक और संबद्ध उत्पादों का निर्माता होने का दावा किया।
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कोविड : टीकाकरण समेत अन्य याचिकाओं पर सुनवाई बंद
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कोविड-19 के दौरान टीकाकरण, बिस्तरों की कमी, अस्पतालों के स्वास्थ्य ढांचे, ऑक्सीजन की उपलब्धता और परीक्षण आदि को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई बंद करने का निर्णय लिया है। अदालत ने कहा, वर्तमान में सभी कुछ ठीक है और यदि किसी याची को परेशानी आती है तो वे अदालत आ सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ अधिवक्ता राकेश मल्होत्रा की ओर से दायर याचिका समेत इससे जुड़ीं अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। 

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