कोरोना की दूसरी लहर के दौरान तिहाड़ की तीनों जेल से करीब 2800 कैदियों को अंतरिम जमानत और आपातकालीन पैरोल पर रिहा किया गया है। इनमें ज्यादातर कैदी ऐसे हैं जिन्हें पिछले साल भी कोरोना महामारी के दौरान पैरोल पर छोड़ा गया था और वह इसकी अवधि खत्म होते ही जेल में आ गए थे। इनके अलावा अन्य कैदियों को भी पैरोल पर छोड़ा जा रहा है।
जेल के अधिकारियों के मुताबिक, चार और 11 मई को उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी के दिशा-निर्देश के बाद इन कैदियों को जेल से पैरोल पर जाने की अनुमति दी गई है। मार्च 2020 में कोरोना महामारी को लेकर जेल में भीड़ को कम करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी गठित की थी।
उसके दिशा-निर्देशों के अनुसार सात साल से कम सजा वाले कैदियों को पैरोल या फिर अंतरिम जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए, जिसके तहत पिछले साल तिहाड़ के जेलों से 55 सौ विचाराधीन कैदी और 1184 सजायाफ्ता कैदी पैरोल और अंतरिम जमानत पर रिहा किए गए।
इनमें से 104 सजायाफ्ता और करीब 2450 विचाराधीन कैदी वापस जेल नहीं पहुंचे। इस वर्ष अब तक 2000 विचाराधीन कैदी को अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा किया गया है। वहीं, 31 मई तक 745 सजायाफ्ता कैदियों को आपातकालीन पैरोल पर रिहा किया गया है।