राजधानी में कोरोना के रिकॉर्ड स्तर पर मिल रहे नए केस के साथ-साथ संक्रमण दर भी तेजी से बढ़ रही है। आलम यह है कि दो हफ्ते में ही संक्रमण दर में 15 फीसदी का इजाफा हो गया है। अब प्रतिदिन 100 लोगों की जांच में 20 संक्रमित मिल रहे हैं, जबकि 14 दिन पहले तक सिर्फ 5 संक्रमित मिल रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती दर चिंता का विषय है। इससे पता चल रहा है कि वायरस का प्रसार काफी तेजी से हो रहा है।
दिल्ली में 16 जनवरी से 22 मार्च तक संक्रमण दर एक फीसदी से भी कम थी। अप्रैल के पहले सप्ताह में यह दर चार फीसदी हुई, और उसके बाद 14 दिन के भीतर ही 4.64 से बढ़कर करीब 20 फीसदी हो गई। नवंबर के बाद ऐसा पहली बार है , जब संक्रमण दर 15 प्रतिशत से ज्यादा हुई है। इससे पता चलता है कि कोरोना की चौथी लहर में संक्रमण के सभी मानक रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रहे हैं।
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर पीके सिंघल का कहना है कि दिल्ली में संक्रमण बड़े स्तर पर फैल चुका है। इस समय सभी आयु वर्ग के लोग वायरस की चपेट में आ रहे हैं। तीन से चार दिनों में ही लोगों के फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं। संक्रमण दर की बात करें तो पहले ज्यादा जांच होने के हिसाब से कम संक्रमित मिल रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। जांच प्रतिदिन करीब एक लाख ही हो रही है, और संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और खराब हो सकती है।
अस्पतालों में भी रिकॉर्ड मरीज
संक्रमण दर बढ़ने के साथ-साथ अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। शनिवार शाम 5 बजे तक कुल 13,141 कोरोना मरीज अस्पतालों में भर्ती थे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए 17,260 बेड अस्पतालों में आरक्षित हैं। इनमें से 13,141 बेड भर चुके हैं और 4119 खाली हैं
25 फीसदी मरीज आईसीयू और वेंटिलेटर पर
राजधानी के अस्पतालों में भर्ती 25 फीसदी मरीज गंभीर रूप से बीमार हैं। अस्पतालों में भर्ती कुल 13,141 मरीजों में से 3373 मरीज आईसीयू और वेंटिलेटर पर हैं। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 1280 उपलब्ध वेंटिलेटर बेड में से 1157 भर चुके हैं और सिर्फ 123 खाली हैं। इसके बावजूद मरीजों को वेंटिलेटर बेड के लिए भटकना पड़ रहा है। आईसीयू के कुल 2778 बेड में से 2616 भर चुके हैं और 162 खाली दिखाए जा रहे हैं।
दो सप्ताह में ऐसे बढ़ी संक्रमण दर
तारीख- संक्रमण दर प्रतिशत में
4 अप्रैल-4.64
7- 6.10
10-10.21
13-13.14
16-19.69
नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक है और 16 अप्रैल तक के हैं