मानसून के दिल्ली-एनसीआर आगमन को लेकर तारीख पर तारीख मिल रही हैं। लोगों का इंतजार लंबा होता देखकर लगता है कि मौसम विभाग इस बार मानसून का मिजाज समझने में नाकाम है। पिछले 20 दिनों में मौसम विभाग कई बार मानसून की तारीखों की घोषणा कर चुका है, लेकिन मानसून दिल्ली-एनसीआर से दूर है।
मौसम विभाग ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि 11 जुलाई तक दिल्ली-एनसीआर में मानसून का इंतजार खत्म हो जाएगा। इसे लेकर यलो अलर्ट जारी करते हुए विभिन्न इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी। रविवार को ठीक इसका उलटा असर दिखा। सुबह से ही सूर्यदेव ने कोप दिखाया।
तीखी धूप के कारण दिनभर उमस भरी गर्मी से लोगों का बुरा हाल रहा। सुबह कुछ देर के लिए लुकाछिपी का खेला चला, लेकिन बादल बिन बरसे ही चले गए। पूर्वी दिल्ली के इलाके में कुछ मिनटों के लिए बूंदाबांदी दर्ज हुई। इस कारण उमस बढ़ने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से तीन अधिक 39 व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक अधिक 28.8 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी का स्तर अधिकतम 76 व न्यूनतम 51 फीसदी रहा। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में तापमान 40 से नीचे रहा, लेकिन मौसम साफ रहने की वजह से गर्मी से राहत नहीं मिली।
केवल नजफगढ़ इलाके में पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में एक बार फिर यलो अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। उसका पूर्वानुमान सप्ताहभर तक बादलों के बरसने का है।
इस तरह बदली गईं तारीखें
मौसम विभाग ने पिछले माह संभावना जताई थी कि मानसून तय समय 27 जून से पहले ही 15 जून तक दस्तक दे देगा। 15 जून तक आते-आते मौसम विभाग ने तारीख बदलते हुए 22 जून तक पहुंचने की संभावना जताई। इस तारीख तक भी मानसून नहीं पहुंचने पर 27 जून से लेकर माह के अंत तक आने की संभावना बताई गई।
इसके बाद एक बार फिर दो जुलाई तक लोगों की आस बढ़ा दी गई। मौसमी परिस्थितियों का हवाला देते हुए विभाग ने 7 जुलाई तक आने की संभावना जताई। लगातार रूठे मानसून को देखते हुए फिर से नई तारीख 10 जुलाई बताई गई। इसके बाद 24 घंटे देरी का हवाला देते हुए 11 जुलाई की घोषणा हुई।