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दिल्ली: नगर निगम ने अप्रैल-जून में जारी किए 20 हजार से ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र

Wed, 21 Jul 2021 10:22 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एसडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया किअप्रैल की तुलना में मई में 204 प्रतिशत अधिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसका कारण कोविड-19 की दूसरी लहर थी। वहीं, अप्रैल की तुलना में जून में 103 प्रतिशत अधिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुए।
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कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने अप्रैल और जून के दौरान 20 हजार से अधिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए। इस दौरान शहर कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझ रहा था। निकाय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एसडीएमसी की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, निगम की ओर से अप्रैल में 3,351, मई में 10,209 और जून में 6,832 मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किये गए।

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एसडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया किअप्रैल की तुलना में मई में 204 प्रतिशत अधिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। इसका कारण कोविड-19 की दूसरी लहर थी। वहीं, अप्रैल की तुलना में जून में 103 प्रतिशत अधिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुए।

उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान मई या अप्रैल के अंत में अधिकतम मौतें हुईं। इसलिए ज्यादातर मृतकों के जिन परिजनों ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था उन्हें मई और जून में दस्तावेज मिले। निकाय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मृत्यु के इन पंजीकरणों में सामान्य मौतें भी शामिल हैं और इससे यह पता नहीं चलता कि उक्त महीने में कोविड से ही सारी मौतें हुईं।
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कुछ निकाय अधिकारियों ने यह भी कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के अलावा कुछ तकनीकी कारणों से पहले के आंकड़े भी मई और जून में जोड़े गए जिससे मृत्यु पंजीकरण की संख्या में वृद्धि हुई। हालांकि, अप्रैल से जून के बीच में मई में सर्वाधिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किये गए लेकिन इस दौरान मई में ही सबसे कम जन्म प्रमाण पत्र भी जारी हुए।

निकाय के आकड़ों के मुताबिक, मई में केवल 4,656 जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए जबकि अप्रैल में 5,997 और जून में 4,976 प्रमाण पत्र जारी किये गए। अधिकारियों का मानना है कि महामारी के कारण लोगों ने अस्पताल या मातृत्व स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव नहीं कराया जिसके कारण जन्म का पंजीकरण कम हुआ।

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