मेट्रो के विस्तार से ब्लू लाइन, तुगलकाबाद-एयरोसिटी मेट्रो में भी सफर आसान हो जाएगा। इससे पर्यटकों को भी विश्व स्तरीय सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के 22.7 किलोमीटर के विस्तार से ब्लू लाइन और फेज-4 के तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर से भी कनेक्टिविटी होगी।
दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का जल्द ही विस्तार किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से द्वारका में प्रस्तावित देश के सबसे बड़े इंडिया इंटरनेशनल कंवेशन एंड एक्सपोसेंटर (आईआईसीसी) तक मेट्रो की सुविधा होगी। 2.033 किलोमीटर के दायरे में मेट्रो निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।
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मार्च, 2022 में आईआईसीसी तक यात्रियों को मेट्रो में सफर का मौका मिल सकेगा। इस विस्तार से द्वारका के तमाम सेक्टरों सहित आसपास के शहरी गांवों से भी मेट्रो का सफर आसान हो जाएगा। खास बात यह है कि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के 22.7 किलोमीटर के विस्तार से ब्लू लाइन और फेज-4 के तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर से भी कनेक्टिविटी होगी।
नई दिल्ली से द्वारका सेक्टर-21 के बीच फिलहाल एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर मेट्रो का परिचालन हो रहा है। इसमें अधिकतर यात्री विमान में सफर करने वाले होते हैं, इसलिए इस लाइन पर सुविधाएं दूसरी लाइन से और अधिक आधुनिक है। अत्याधुनिक सुविधाओं वाले स्टेशन के विश्व स्तरीय सेंटर से जुड़ने पर दिल्ली मेट्रो को एक नई गति मिलेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरपेशन(डीएमआरसी) का लक्ष्य अगले साल इस कॉरिडोर पर मेट्रो परिचालन की है।
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इस कॉरिडोर पर भूमिगत निर्माण के लिए पहली बार टनल बोरिंग मशीन के बजाय दूसरी तकनीक(कट एंड कवर) का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे तैयार होने से पश्चिमी दिल्ली के द्वारका के तमाम सेक्टरों और गांवों में रहने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। देश विदेश से कंवेशन एंड एक्सपो सेंटर तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को भी मेट्रो की सुविधा होगी।
कंवेशन हॉल, दफ्तर के साथ होंगे ठहरने के लिए कमरे भी
एयरपोर्ट एक्सप्रेस के विस्तार से कंवेशन सेंटर तक जाने वाले यात्रियों को विश्व स्तरीय मेट्रो में सफर का मौका मिल सकेगा। केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित इस परियोजना के तहत एक्जिविशन हॉल, ठहरने के लिए 3500 कमरे और दफ्तरों के साथ साथ मनोरंजन की सुविधाएं भी होंगी। इसे देश की सबसे बड़े कंवेशन सेंटर के साथ एशिया में भी अग्रणी बताया जा रहा है।
सेंटर तक मेट्रो की सीधी सेवा होने से यात्रियों को पश्चिमी दिल्ली और मध्य दिल्ली के बीच के सफर में ट्रैफिक जाम की समस्या से नहीं जूझना होगा। मेट्रो के इस कॉरिडोर पर परिचालन होने से निजी वाहनों के बजाय लोगों को विश्व स्तरीय मेट्रो की सुविधा होगी। इसे ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलेपमेंट(टीओडी)की दिशा में अग्रणी पहल बताया जा रहा है।