दिल्ली जल बोर्ड ने गंभीर जल संकट को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चढ्ढा ने कहा कि हमने हरियाणा के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। जिससे यमुना में गिरने वाले अनुपचारित प्रदूषकों को तुरंत रोका जा सके। साथ ही दिल्ली को पर्याप्त पानी भी छोड़ा जा सके।
राघव चढ्ढा ने बताया कि हरियाणा ने दिल्ली में आने वाले पानी की सप्लाई में कटौती कर दी है। इसकी वजह से राजधानी में पानी का उत्पादन अब कम हो गया है। इस समय हरियाणा सीएलसी कनाल से 549.16 क्यूसेक पानी छोड़ रहा है, जबकि यहां से 683 क्यूसेक पानी प्रतिदिन छोड़ा जाना चाहिए।
गर्मी शुरू होते ही दिल्ली में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।