अदालत ने सीबीआई के आग्रह को स्वीकार कर सभी दस्तावेज दायर करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 22 अप्रैल तय की है। अब आरोपियों के खिलाफ अभियोग तय करने के मुद्दे पर सुनवाई शुरू होगी।
आरोप पत्र दायर कर चुकी सीबीआई
इस मामले में सीबीआई आरोपपत्र दायर कर चुकी है। आरोप पत्र पूर्व एसएचओ या इंस्पेक्टर, तीन पूर्व सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल सहित छह लोगों के खिलाफ धारा 302, 323, 325, 506, 218, 201, 34, 120-बी और 149 के तहत दायर किया गया था। आरोप लगाया गया है कि 27 सितंबर को रामगढ़ ताल निरीक्षक जे. सिंह, फलमंडी पुलिस चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक अक्षय मिश्रा और विजय यादव और तीन अन्य पुलिसकर्मी कथित रूप से होटल के कमरे में घुस गए थे, जहां व्यवसायी अपने दोस्तों के साथ रुका हुआ था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने पीटा, जिसके दौरान व्यवसायी की मौत हो गई।
सीबीआई ने यूपी सरकार की अनुशंसा पर 2 नवंबर, 2021 को मामला दर्ज किया और 29 नवंबर, 2021 को जांच अपने हाथ में ले ली। अदालत ने हाल ही में आरोपी पुलिसकर्मियों थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह, दारोगा अक्षय मिश्रा समेत सभी छह आरोपियों को तिहाड़ शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। सभी आरोपी पुलिसकर्मी न्यायिक हिरासत में हैं।