वीके सक्सेना, उपराज्यपाल दिल्ली।
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उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बुधवार को सदन की बैठक बुलाने के आदेश जारी किए। हालांकि, बैठक बुलाने के संबंध में अभी एमसीडी के पास आदेश की प्रति नहीं पहुंची है। सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल ने छह फरवरी को सदन की बैठक बुलाने का आदेश दिया है। इस संबंध में मौखिक तौर पर जानकारी मिलने के बाद एमसीडी ने सदन की बैठक की तैयारी शुरू कर दी है।
आज भेजी जाएगी सदस्यों को सूचना
एमसीडी के अनुसार बृहस्पतिवार को सभी सदस्यों के पास बैठक की सूचना भेजी जाएगी। इसके अलावा वह महापौर, उपमहापौर व स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव के लिए बैलट पेपर छपवाने का कार्य करेगी। पार्षदों को शपथ दिलाने, महापौर, उपमहापौर व स्थायी स्थायी समिति के छह सदस्यों का चुनाव कराने के लिए छह जनवरी को सदन की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में मनोनीत पार्षदों को पहले शपथ दिलाने के विरोध में आम आदमी पार्टी ने हंगामा कर दिया था। इस कारण बैठक में कोई कामकाज नहीं हो सका था। इसके बाद उपराज्यपाल ने 24 जनवरी को सदन की बैठक बुलाने के आदेश दिए। इस बैठक में भाजपा ने आप पार्षदों पर सांसद गौतम गंभीर पर टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। इस दिन केवल पार्षदों को ही शपथ दिलाई जा सकी थी।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई कल
इस बीच आप की महापौर की उम्मीदवार शैली ओबराय ने सदन की बैठक में चुनाव नहीं होने के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। उनके याचिका दायर करने के तीन दिन बाद एमसीडी ने सदन की बैठक बुलाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी। एमसीडी ने 10 फरवरी को बैठक बुलाने का प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजा था, लेकिन दिल्ली सरकार ने तीन, चार व फरवरी में से किसी एक दिन सदन की बैठक बुलाने का प्रस्ताव भेजा। इस तरह उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक छह फरवरी को सदन की बैठक बुलाने के निर्देश दिए है।
भाजपा चुनाव के लिए तैयार, आप डरी : सचदेवा
प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना के छह फरवरी को एमसीडी सदन की बैठक बुलाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि महापौर, उपमहापौर व स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव से भाजपा को डर नहीं है, जबकि आम आदमी पार्टी इस बार भी चुनाव नहीं होने देगी। उसने दो बार छह एवं 24 जनवरी को सदन की बैठक में हिंसा और हंगामा करके चुनाव नहीं होने दिया। दरअसल उसके पार्षद दल में मतभेद है। इस कारण वह चुनाव टलवाने में लगी हुई है।