मरीजों से भरे रहने वाले अस्पताल आमतौर पर रविवार के दिन खाली ही नजर आते हैं लेकिन इस बार राजधानी के कुछ अस्पतालों में ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिला। घड़ी में वक्त यही कोई सुबह साढ़े नौ बजे का है और सफदरजंग अस्पताल में छुट्टी के दिन भी ओपीडी सेवा शुरू हुई है। वैसे तो यहां आने वालों को पहले से इसकी जानकारी नहीं थी लेकिन इमरजेंसी के बाहर खड़े सुरक्षा गार्ड की सलाह पर रोगी ओपीडी तक पहुंचे और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी ओपीडी कार्ड बनवा रहे हैं।
इस बीच हौजखास निवासी महेंद्र प्रताप ने बताया कि बीती रात उनकी आंख में काफी खुजली हो रही थी। सुबह उठकर देखा तो बांयी आंख पर सूजन और लाल हो गई। ग्रीन पॉर्क में ही सुबह नौ बजे उन्होंने एक क्लीनिक पर दिखाया जिन्होंने तत्काल बड़े अस्पताल जाने की सलाह दी। इसलिए वे सीधे सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे जहां उन्हें रविवार के दिन भी ओपीडी चलने की जानकारी मिली। यहां नेत्ररोग विभाग की ओपीडी में बहुत अधिक भीड़ भी नहीं थी। चिकित्सीय सलाह लेने के बाद जब महेंद्र प्रताप बाहर आकर फिर से मिले तो उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था अब हमेशा के लिए सभी अस्पतालों में कर देनी चाहिए।
इस बीच सफदरजंग अस्पताल की ओपीडी में रेजीडेंट डॉक्टर भी दिखाई दिए। एक दिन पहले तक रेजीडेंट डॉक्टर इस फैसले का विरोध करते हुए सोशल मीडिया और अलग अलग संगठन के जरिए रविवार को ओपीडी रखने का फैसला रद्द करने की मांग कर रहे थे लेकिन सरकार के सख्त रुख के चलते प्रबंधन ने इनकी मांग पर विचार नहीं किया जिसके चलते रविवार सुबह से ही यह ड्यूटी पर पहुंच गए थे।
सफदरजंग अस्पताल में रविवार के दिन सुबह 11.30 बजे तक ही पंजीयन कराया जा सकता है। हालांकि ओपीडी जब तक सभी मरीजों को देखा नहीं जाएगा तब तक चलेगी। पहले दिन दोपहर करीब एक बजे तक ओपीडी चली और इस दौरान 311 मरीजों को चिकित्सा लाभ मिला। ठीक इसी तरह नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 210 और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में करीब 185 मरीजों ने ओपीडी में चिकित्सीय सेवाएं प्राप्त की।
साल के 365 दिन चलनी चाहिए ओपीडी
सरिता विहार निवासी भावेंद्र सिन्हा अपनी पत्नी के साथ सफदरजंग अस्पताल पहुंचे थे। यहां वे सीधे स्त्रीरोग विभाग की ओपीडी में पहुंचे। न लाइन मिली और न कोई अधिक समय लगा। 15 मिनट में ही चिकित्सीय सलाह लेकर बाहर आने के बाद प्रसन्न भावेंद्र ने कहा कि ऐसा सिस्टम हमेशा होना चाहिए। साल के 365 दिन ओपीडी चलनी चाहिए। तभी मरीजों की संख्या भी मैनेज हो पाएगी और जरुरत पड़ने पर सभी को इलाज भी मिलेगा।
छुट्टी के दिन काम, अन्य दिन मिलेगी लीव
सफदरजंग, आरएमल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार 10 अक्तूबर को पहला दिन होने के चलते केवल परीक्षण किया गया था। अब अगले सप्ताह से हर रविवार ओपीडी इसी तरह संचालित होगी। जिन डॉक्टरों की ड्यूटी रविवार को रहेगी उन्हें सप्ताह में किसी और दिन लीव भी दी जाएगी। रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अवकाश के दिन भी ओपीडी से उन पर भार पड़ेगा। जबकि अस्पताल प्रबंधन के अनुसार रेजीडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी भी इसी रोस्टर के हिसाब से लगेगी।
इन छह विभागों की ओपीडी में इलाज
रविवार को अगर आप ओपीडी में जाना चाहते हैं तो यहां मेडिसिन, सामान्य सर्जरी, बालरोग, स्त्रीरोग, हड्डी रोग, नेत्ररोग, नाक-कान-गला और यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी संचालित रहेगीं। ओपीडी पंजीयन का समय सुबह 8 से 11.30 बजे तक है। इसके अलावा अगर आपको मेडिकल जांच की आवश्यकता है तो आपातकालीन वार्ड में जाकर सैंपल दे सकते हैं। अस्पताल में फॉर्मेसी की दुकान भी ओपीडी के साथ संचालित होगी।