उधर सालीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि निजामुद्दीन मरकज मस्जिद के अंदर 10 अप्रैल के डीडीएमए के आदेश को देखते हुए रमजान के दौरान नमाज अदा करने के लिए प्रतिदिन पांच से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जा सकती है।
अदालत वक्फ बोर्ड द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें निजामुद्दी मरकज को रमजान के ध्यानार्थ खोलने की मांग की है। मरकज को पिछले वर्ष मार्च माह में तब्लीगी जमात के जरिए बंद कर दिया था।
बक्फ बोर्ड के अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने केंद्र के तर्क पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि राजधानी में कई धार्मिक स्थलों के बाहर लंबी लाईने लगी हुई है लेकिन उन पर डीडीएमए का आदेश लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि डीडीएमए के आदेश मात्र एक ही समुदाय पर ही क्यों लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदातल ने कल ही 50 लोगों को नमाज की इजाजत दी थी। ऐसे में केंद्र बिना आधार के कैसे इस प्रकार की शर्त रख सकता है।