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दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पति की प्रेमिका से हर्जाना मांग सकती है पत्नी, घर तोड़ने का दायर किया था केस

Mon, 22 Sep 2025 07:55 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : ANI
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विवाहेतर संबंधों के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि कोई महिला अपने पति की प्रेमिका के खिलाफ प्रेम अलगाव (एलाइनेशन ऑफ एफेक्शन) के आधार पर सिविल मुकदमा दायर कर हर्जाना मांग सकती है।

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अदालत ने स्पष्ट किया कि व्यभिचार को अपराधमुक्त करने का मतलब यह नहीं है कि तीसरे पक्ष को सिविल परिणामों से मुक्ति मिल जाए। एक मामले में पत्नी ने पति की प्रेमिका पर रिश्ता तोड़ने का आरोप लगाकर एक करोड़ का हर्जाना मांगा है।

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकलपीठ ने इस मामले में पत्नी के दावे को सशर्त मान्य ठहराते हुए प्रेमिका से पक्ष रखने को कहा। पीठ ने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट या किसी अन्य वैवाहिक कानून में तीसरे पक्ष के कृत्यों के खिलाफ कोई स्पष्ट उपाय नहीं है। 

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महिला ने मांगा हर्जाना
एक महिला ने अपने पति की कथित प्रेमिका पर रिश्ता तोड़ने का आरोप लगाकर 1 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है। महिला का आरोप है कि प्रेमिका ने जानबूझकर उसके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप किया, जिससे पति का स्नेह अलग हो गया और वैवाहिक संबंध टूट गए।

पति और प्रेमिका ने मुकदमे को खारिज करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रयोग अपराध नहीं है, इसलिए सरकार इसे दंडित नहीं कर सकती। यह व्यवहार सिविल परिणामों को जन्म दे सकता है।

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