कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। पीठ ने वरिष्ठ वकील कैलाश वासुदेव को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त करते हुए अगली सुनवाई 23 मई को तय की है।
हाईकोर्ट ने गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे गंभीर मामला बताया और केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण आयोग को आग के कारणों को स्पष्ट करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने भविष्य में इस तरह की घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में तीन हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। पीठ ने वरिष्ठ वकील कैलाश वासुदेव को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त करते हुए अगली सुनवाई 23 मई को तय की है।
धुएं से बढ़ा वायु प्रदूषण
पीठ ने मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए कहा कि 29 मार्च और 8 अप्रैल को गाजीपुर लैंडफिल में आग की घटना से चिंतित है। कचरा जलने और उससे भारी धुआं उत्पन्न होने से क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैला है। अदालत राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित एक याचिका पर पहले से ही सुनवाई कर रही है।