न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान है कि परीक्षाओं में उपस्थित होने के लिए उपस्थिति मानदंड को पूर्व शर्त के रूप में पूरा किया जाना चाहिए और इस शर्त को सामान्य रूप से कम नहीं किया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को उस छात्रों के दसवीं कक्षा के परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान फीस भुगतान नहीं करने पर स्कूल द्वारा कक्षाओं से वंचित कर दिया गया था।
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न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान है कि परीक्षाओं में उपस्थित होने के लिए उपस्थिति मानदंड को पूर्व शर्त के रूप में पूरा किया जाना चाहिए और इस शर्त को सामान्य रूप से कम नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन अदालत को इस तथ्य से भी अवगत होना होगा कि कोविड -19 महामारी ने कई परिवारों को प्रभावित किया, जिन्होंने अपनी आय का स्रोत खो दिया और उन्हें गरीबी में डुबो दिया।
उन्होंने कहा तत्काल नतीजा बच्चों की शिक्षा पर पड़ा और इसका प्रभाव तत्काल मामले में दिखाई दे रहा है। शुल्क के भुगतान में चूक ने याचिकाकर्ता को सीधे तौर पर प्रभावित किया, क्योंकि उसके पास ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने की पहुंच नहीं थी।