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दिल्ली हाईकोर्ट: पुलिस को मरकज की चाबी मौलाना साद को सौंपने का आदेश, प्रतिबंध जारी रखने के तर्क पर फटकार

Mon, 28 Nov 2022 08:48 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

पुलिस को फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा कि क्या आप कब्जे में हैं, आपने किस हैसियत से कब्जा किया है, महामारी रोग अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, वह अब खत्म हो गई है। अदालत ने पूछा कि यदि आप महामारी रोग अधिनियम के तहत कोई संपत्ति लेते हैं और प्राथमिकी दर्ज करते हैं तो उस समय वह जिसके भी कब्जे में थी, वह कब्जे के लिए मुकदमा दायर करेगा।
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दिल्ली हाईकोर्ट ( फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने सोमवार को निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात मुख्यालय में सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रखने के दिल्ली पुलिस के तर्क को खारिज करते हुए फटकार लगाई है। अदालत ने पुलिस को मरकज निजामुद्दीन की चाबी मौलाना साद को सौंपने का आदेश दिया है। अदालत ने इस साल मार्च में रमजान के महीने के दौरान मस्जिद की पांच मंजिलों पर नमाज अदा करने की अनुमति दी थी। मई में हाईकोर्ट ने मार्च 2020 के बाद पहली बार मस्जिद प्रबंधन को रमजान के महीने के बाद सार्वजनिक प्रवेश की अनुमति दी थी। हालांकि संलग्न मदरसा और हॉस्टल में सार्वजनिक प्रवेश वर्जित है।

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जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि चाबियां उसी व्यक्ति को सौंपनी होंगी, जिससे ली गई थीं। अदालत ने कहा कि आपने किसी व्यक्ति से कब्जा ले लिया है, आप या तो उस व्यक्ति को कब्जा वापस कर दें, मैं संपत्ति के स्वामित्व का फैसला नहीं कर रहा हूं, यह मेरे सामने मुद्दा नहीं है। पुलिस ने तर्क दिया था कि मूल मालिक संपत्ति पर कब्जे के लिए आगे नहीं आया है। पुलिस ने कहा कि दिल्ली वक्फ अधिनियम के तहत मुतावली को आगे आना होगा, न कि दिल्ली वक्फ बोर्ड को, जोकि याचिकाकर्ता है।

 


पुलिस को फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा कि क्या आप कब्जे में हैं, आपने किस हैसियत से कब्जा किया है, महामारी रोग अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, वह अब खत्म हो गई है। अदालत ने पूछा कि यदि आप महामारी रोग अधिनियम के तहत कोई संपत्ति लेते हैं और प्राथमिकी दर्ज करते हैं तो उस समय वह जिसके भी कब्जे में थी, वह कब्जे के लिए मुकदमा दायर करेगा। जब पुलिस ने कहा कि संपत्ति के मालिक को आगे आना होगा, तो अदालत ने मरकज प्रबंधन को पुलिस के पास जाने के लिए कहा। अदालत ने पुलिस से कहा कि आप चाबियां सौंप देंगे और जो भी शर्तें होंगी लगाएंगे।

 

एक सवाल के जवाब में पुलिस ने कहा कि मौलाना साद से कब्जा लिया गया था। हालांकि यह दावा किया गया कि वह फरार है। वहीं मरकज प्रबंधन ने कहा कि वह निजामुद्दीन में ही हैं और फरार नहीं हैं और पुलिस के सामने पेश होंगे।

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