दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल द्वारा नये आईटी कानून का उल्लंघन करने के आरोप में दायर याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गूगल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जस्टिस वी कामेश्वर राव ने इसके साथ ही गूगल को भी नोटिस जारी कर उसका पक्ष रखने को कहा है।
दरअसल, याचिकाकर्ता रचित कौशिक ने उसके यूट्यूब चैनल को बंद किए जाने के कंपनी के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन हुडा ने कहा, गूगल के पास यूट्यूब का मालिकाना हक है।
उसने बिना सुनवाई का मौका दिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से याचिकाकर्ता का अकाउंट और उसकी सामग्री सोशल मीडिया से हटा दी। उन्होंने कहा कि गूगल सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये प्रतिक्रिया देता है। ऐसे में याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकारों को सुरक्षा मिलनी चाहिए।
वहीं, गूगल की ओर से पेश वकील ममता झा ने अदालत से कहा, याचिकाकर्ता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन नहीं किया गया है बल्कि नफरती पोस्ट के जरिये सामुदायिक दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को उनके आपत्तिजनक सामग्री के लिए सूचित किया गया था मगर उन्होंने दूसरा चैनल खोलकर फिर से आपत्तिजनक सामग्री अपलोड कर दी। केंद्र की ओर से पेश वकील ने इस पर केंद्र का पक्ष रखने के लिए कुछ समय मांगा।