उच्च न्यायालय ने मंगलवार को जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव को राजधानी में बतौर सांसद मिले सरकारी बंगले को 15 दिनों के भीतर खाली करने का निर्देश दिया है। यादव को 2017 में राज्यसभा सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने कहा कि यादव को अयोग्य ठहराए चार साल से अधिक समय बीत चुका है और उनके लिए सरकारी आवास बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है।
पीठ ने कहा कि वह 15 दिसंबर 2017 को एकल न्यायाधीश द्वारा बंगला खाली करने पर रोक संबंधी अंतरिम आदेश को रद्द करते है। एकल जज ने तुखलक रोड पर यादव को आधिकारिक निवास के उपयोग सहित एक सांसद की आधिकारिक सुविधाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने की अनुमति दी गई थी।
जून 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए कहा था कि वह अपने आधिकारिक आवास को बरकरार रख सकते हैं लेकिन वेतन और अन्य लाभों के हकदार नहीं होंगे।