दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को करारा झटका दिया। अंतरिम जमानत से जुड़े अपने पहले के आदेश को तब्दील करते हुए अदालत ने सेंगर को बेटी के तिलक समारोह के बाद सरेंडर करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सेंगर को उसकी बेटी की शादी से पहले फिर से अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। अदालत ने पहले सेंगर को दो हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।
कुलदीप सिंह सेंगर तिहाड़ जेल से बाहर आ गया है। सेंगर को बेटी की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल मिली है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की अंतरिम जमानत की शर्तों में बदलाव किया है। सेंगर अब अंतरिम जमानत पर दो बार जेल से बाहर आएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि सेंगर को पहले 27 से 30 जनवरी तक अंतरिम जमानत पर बाहर रखा जाएगा। इसके बाद 6 फरवरी से 10 फरवरी तक वह दूसरी बार जेल से बाहर रहेगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सेंगर को 30 जनवरी को सरेंडर करना होगा और फिर 6 फरवरी को अंतरिम जमानत पर रिहा होगा। कोर्ट ने यह आदेश पीड़िता के आवेदन पर दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट को शुक्रवार सुबह सूचित किया गया कि सेंगर को तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया है। इसके बाद उसने पीड़िता की याचिका पर सेंगर को दी गई अंतरिम जमानत से जुड़े आदेश में संशोधन किया। पीड़िता ने अपनी याचिका में यह कहते हुए सेंगर की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की थी कि उसे और उसके परिवार को खतरा है।
जस्टिस मुक्ता गुप्ता और पूनम ए बांबा की बेंच ने निर्देश दिया कि सेंगर एक फरवरी को जेल प्रशासन के सामने समर्पण करेगा। उसकी बेटी का तिलक समारोह 30 जनवरी को है। बेंच ने कहा कि सेंगर को छह फरवरी को एक बार फिर अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा किया जाए और वह 10 फरवरी को दोबारा सरेंडर करे। उसकी बेटी की शादी आठ फरवरी को होनी है। बेंच ने इससे पहले 16 जनवरी को सेंगर को उसकी बेटी की शादी के मद्देनजर 27 जनवरी से 10 फरवरी तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।