मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ दिल्ली सरकार, शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) और पुलिस को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि याचिका में उठाए गए मुद्दो पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए रेड लाईट व बाजारों में भीख मांगने वालों पर नियंत्रण लगाने की मांग मुद्दे पर दिल्ली सरकार और पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि इनमें कई लोग मास्क नहीं पहनते हैं या सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर नहीं रखते। ऐसे में कारों व अन्य वाहन चालकों से भीख मांगने के रवैये से संक्रमण बढ़ने का खतरा है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ दिल्ली सरकार, शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) और पुलिस को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि याचिका में उठाए गए मुद्दो पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
याची अधिवक्ता नरेंद्र पाल सिंह ने खंडपीठ को बताया कि आमतौर पर देखा जा रहा है कि ट्रैफिक लाईट पर भीख मांगने वाले बिना हाथों को सैनेटाइज किए ही कारों को हाथ लगा रहे हैं या उसे साफ कर भीख मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस तथ्य के गवाह है। याची ने कहा कि यदि इनमें कोई भी संक्रमित है तो उनके इस प्रकार के रवैये से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
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याची ने कहा कि संबंधित पक्षों को निर्देश दिया जाए कि इन भिखारियों का पुनर्वास किया जाए और एक स्थान पर रख कर उनको आश्रय, खाना व चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए ताकि वे सड़क पर इस प्रकार से भीख न मांगे। इसके अलावा इन्हें वैक्सीन लगाने की भी व्यवस्था की जाए।