केंद्र सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन की एहतियाती खुराक लगवाने के अंतराल को नौ से छह महीने नहीं किया है। अधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को कहा कि एहतियाती खुराक दूसरी खुराक लगवाने के नौ महीने बाद ही लगेगी।
कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिरक्षा पर राष्ट्रीय सलाहकार समूूह (एनटीएजीआई) की शुक्रवार को हुई बैठक में बूस्टर या एहतियाती खुराक के बीच अंतराल कम करने पर चर्चा हुई। हालांकि सूत्रों ने कहा कि बैठक में ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई।
बैठक में शामिल विशेषज्ञों के मिलीजुली राय थी कि आधिकारिक डाटा के अनुसार ही देश में बूस्टर डोज के लिए अंतराल कम किया जाना चाहिए। एहतियाती खुराक के तौर पर तीसरी खुराक लगवाने को लेकर लोगों ने काफी कम रुचि दिखाई है। केंद्र सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को एहतियाती खुराक लगाने की अनुमति दी है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की कोविड-19 राष्ट्रीय कार्यबल के सह चेयरमैन डॉ. राजीव जयदेवन के अनुसार, पहली और तीसरी खुराक के बीच लंबे अंतराल से लोगों में कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ बेहतर प्रतिरक्षा तैयार होती है। उन्होंने कहा कि हमने पाया है कि यदि दूसरी खुराक हाल ही में लगी है तो इससे ज्यादा अंतर नहीं आता है। दूसरे शब्दों में आप पहले से ही सुरक्षित हैं, लेकिन यदि तीसरी खुराक लगती है तो कोई ज्यादा असर नहीं पड़ता है।
हालांकि हमने पाया कि जिन लोगों ने दूसरी खुराक के बाद छह महीने या इससे अधिक अंतराल पर तीसरी खुराक लगवाई, उनमें प्रतिरक्षा बेहतर पाई गई। लंबे अंतराल में एहतियाती खुराक ने ज्यादा असर दिखाया। देश में 15 या इससे अधिक उम्र के 96 फीसदी लोगों को कोविड-19 की कम से कम एक खुराक लग चुकी है जबकि 83 प्रतिशत लोगों को दोनों खुराकें लग चुकी हैं।