कोरोना वायरस से मरने वालों पर ‘अमर उजाला’ की एक लंबी पड़ताल के बाद जब सच्चाई सामने आने लगी तो पहली बार सरकारी आंकड़ों में 13 मौत की पुष्टि हुई है।
दिल्ली में पहली बार सरकार ने एक ही दिन में कोरोना वायरस से 13 लोगों के मरने की जानकारी दी है। यह भी स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा पुराना है। यानी, इन मरीजों की मौत पिछले एक नहीं, बल्कि कई दिन पहले हो चुकी है।
अस्पतालों में मरने वालों की संख्या और सरकारी आंकड़ों के बीच एक बड़ा अंतर मिलने के बाद से ‘अमर उजाला’ चार पड़ताल स्टोरी प्रकाशित कर चुका है। पड़ताल की शुरूआत आईटीओ स्थित कब्रिस्तान से हुई, जहां 7 मई तक 80 शवों को कोविड प्रबंधन के जरिए दफनाया जा चुका था।
इसी कब्रिस्तान में एक परिवार ऐसा भी मिला जिसमें एक वृद्धा की मौत लोकनायक अस्पताल में 6 मई को हुई थी, लेकिन कोरोना के बारे में उन्हें 10 मई को पता चला था। यहां से पड़ताल लोकनायक अस्पताल पहुंची, जहां पता चला कि 8 मई की सुबह 9 बजे तक अस्पताल में कोरोना से 55 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि सरकारी आंकड़ा केवल पांच मौत बता रहा था।
इसके बाद आरएमएल अस्पताल में जब कोरोना मरीजों को लेकर पड़ताल की गई तो पता चला कि वहां 10 मई की रात तक 63 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 16 मरीजों की मौत अस्पताल आने से 24 घंटे के भीतर ही हुई है। इनमें छह ऐसे भी शामिल थे जो अस्पताल मृत अवस्था में पहुंचे थे और वे कोविड पॉजिटिव थे। इनमें दिल्ली पुलिस का एक जवान भी शामिल था।
अभी और बढ़ेगा मौत का आंकड़ा
दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में 11 मई तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आरएमएल में यह आंकड़ा 65 हो चुका है, जबकि एम्स के झज्जर व ट्रॉमा सेंटर में 18 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में तीन, सफदरजंग अस्पताल में 26 लोगों की मौत हो चुकी है। ये कुछ ही अस्पतालों के आंकड़े हैं, जबकि दिल्ली के 11 अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार चल रहा है। अब स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि मौत की डेथ समरी आना शुरू हो गई है। जल्द ही पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।
अस्पतालों से मांगे थे आंकड़े : जैन
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि अगले दो से तीन दिन में मौत का आंकड़ा स्पष्ट हो जाएगा। अस्पतालों से डेथ समरी नहीं मिल रही थी। जैसे ही अस्पतालों के आंकड़े को लेकर मामला संज्ञान में आया तो इस पर आदेश दिए गए हैं।