अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछला एक साल सबके लिए बहुत मुश्किल रहा, जब हम सब लोग इस महामारी से जूझ रहे थे। दर ल्लीवासियों के लिए खासकर यह एक साल और ज्यादा मुश्किल रहा। दिल्ली ने कोरोना की महामारी का बहुत प्रचंड रूप देखा। 11 नवंबर को दिल्ली में एक दिन में लगभग 8.5 हजार कोरोना के केस आए। विश्व के किसी और शहर में इतने ज्यादा केस कहीं नहीं आए। बावजूद इसके दिल्ली का हेल्थ सिस्टम ध्वस्त नहीं हुआ। जबकि अमेरिका के शहर न्यूयार्क में अप्रैल महीने के पहले हफ्ते में 6300 केस आने पर वहां के अस्पतालों के बाहर सड़कों पर लाइनें लगी हुई थी। पूरा हेल्थ सिस्टम ध्वस्त हो गया था।
नहीं रूकी कोई सुविधा
अरविंद केजरीवाल नेकहा कि दूसरी तरफ कोरोना काल में हर महीने एक करोड़ लोगों को राशन दिया, 1.56 लाख चालकों को 5-5 हजार और निर्माण मजदूरों को 10-10 हजार रुपए दिए। दिल्ली ने कोरोना काल के दौरान देश और दुनिया को होम आइसोलेशन व प्लाज्मा थेरेपी दी है। दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों को भरोसे में लेकर आदेश जारी किए और सबने मिल कर दिल्ली के लोगों की सेवा की। दिल्ली सरकार ने कोरोना योद्धाओं को एक-एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि दी। कोरोना काल में भी पानी और बिजली मुफ्त देना बंद नहीं किया। वहीं, पुलिस और जवानों की शहादत पर एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने का फैसला किया, पहले की सरकारों ने इन पर ध्यान नहीं दिया।
हेल्थ मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम इस साल के अंत तक बन कर तैयार हो जाएगा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आने वाले साल में दिल्ली में रहने वाले हर एक नागरिक के लिए हम हेल्थ कार्ड जारी करने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत सरकारी अस्पतालों से करेंगे। यह हेल्थ कार्ड ऐसा होगा कि आप किसी भी अस्पताल में उस कार्ड को लेकर जाइए, आपका एक हेल्थ आईडी होगा, आपको कोई पर्ची ले जाने की जरूरत नहीं है। अस्पताल में जाने पर लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। डॉक्टर से ऑनलाइन या फोन पर मिलने का मिलेगा। सरकारी अस्पतालों से शुरू कर उसमें सभी मोहल्ला क्लीनिक, सभी पॉलीक्लिनिक, सारी डिस्पेंसरी और सारे सोसाइटी वाले अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। उसके बाद सारे निजी अस्पतालों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। हमारा हेल्थ मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।