फरवरी और मार्च का वेतन और पेंशन अभी बकाया है। साथ ही अप्रैल भी शुरू हो चुका है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान निगम कर्मचारियों को खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में जब निगम आयुक्त वर्षा जोशी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि निगम आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
सरकार की ओर से निगम को पैसा नहीं मिला है। यदि पैसा मिलता तो कर्मचारियों को भुगतान किया जाता। वहीं, महापौर अवतार सिंह ने कहा कि निगम ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और पत्र के जरिए एक हजार करोड़ की एकमुश्त राशि की मांग की है।
पर्याप्त मात्रा में है पीपीई किट
महापौर ने बताया कि अभी निगम के पास पीपीई किट समुचित मात्रा में उपलब्ध हैं। वहीं, विभिन्न एजेंसियों की ओर से दी जाने वाली मदद भी ले रहे हैं। लेकिन, यदि हमें पैसा नहीं मिला तो भविष्य में परेशानी हो सकती है।