केंद्र और आम आदमी पार्टी सरकार में जारी विवाद के बीच दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल वी के सक्सेना को यमुना पर बनी उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) का अध्यक्ष नियुक्त करने के एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
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शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका में एनजीटी के आदेश को रद्द करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। शीर्ष अदालत के हालिया फैसले का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि एनजीटी के आदेशों का प्रभाव उस प्राधिकरण को कार्यकारी शक्तियां प्रदान करना नहीं हो सकता है, जिसे सांविधानिक योजना के तहत प्रदान नहीं किया जा सकता है। इसलिए इस आदेश पर रोक लगाई जाए।
एनजीटी ने यह देखते हुए कि यमुना नदी के कायाकल्प के लिए काम अधूरा रह गया है, इसके लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया था और दिल्ली के उपराज्यपाल से समिति का नेतृत्व करने का अनुरोध किया था।