पाबंदी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर नेशलन बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कोर्पोरेशन (एनबीसीसी) के ऊपर दिल्ली सरकार ने एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही नेताजी नगर की एनबीसीसी की साइट को सील करने का भी निर्देश सरकार ने दिया है। इससे पहले भी तीन दिसंबर को नियमों का उल्लंघन मिलने पर साइट पर पांच लाख का जुर्माना लगा था।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने गुरुवार देर रात एनबीसीसी की साइट का दौरा किया। इस दौरान उन्हें साइट नियमों को लेकर कई तरह की गड़बड़ी दिखी। इसको देखते हुए उन्होंने साइट पर बड़ा जुर्माना लगाया है। इस संबंध में गोपाल राय ने कहा कि नेताजी नगर में एनबीसीसी की साइट पर रात के अंधेरे में काम किया जा रहा था। साइट पर तीन दिसंबर को भी डीपीपीसी की टीम ने छापे मारे थे, जहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन देखा गया था। इसको देखते हुए एनबीसीसी को नोटिस देकर पांच लाख का जुर्माना लगाया था। अब दोबारा कंपनी को नियमों का उल्लघंन करते हुए पाया गया है। इसके बाद डीपीसीसी, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और एनबीसीसी के अधिकारियों के साथ मीटिंग की गई। एनबीसीसी के बार-बार के उल्लंघन को देखते हुए कंपनी के ऊपर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
बकौल गोपाल राय, दिल्ली के अंदर सभी निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध है। उल्लंघन पाए जाने पर सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। सरकार ने इसके लिए 11 रात्रि पेट्रोलिंग दस्ते का भी गठन किया है जो रात्रि में निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर नजर रखेगी। गोपाल राय ने कहा कि सरकार की तरफ से दिल्ली के अंदर प्रदूषण के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। दिल्ली में निर्माण व तोड़-फोड़ पर प्रतिबंध के साथ-साथ बाहर से आने वाले ट्रकों पर भी रोक लगी हुई है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि नियम के उलंघन करने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, दिल्ली के अंदर निर्माण और तोड़-फोड़ पर प्रतिबंध को लेकर कई एजेंसियों के प्रस्ताव आए हैं, जिसे केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के पास भेजा गया है। इस पर आयोग को निर्णय लेना है।