कोरोना महामारी की तीसरी लहर आने से पहले दिल्ली सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। गुरुवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल के निर्देश पर 13 से भी ज्यादा अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है जोकि अस्पतालों में बिस्तरों से लेकर दवा, ऑक्सीजन इत्यादि की व्यवस्थाओं पर ध्यान देगी।
इसके अलावा राजधानी में 10 हजार पैरामेडिकल और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की नियुक्ति भी होगी जिन्हें आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के बाद किसी भी आपातस्थिति में अस्पताल या कोविड सेंटर पर तैनात किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित सिंगला ने आदेश जारी करते हुए बताया कि कोविड नोडल अधिकारी आईएएस सत्य गोपाल की अध्यक्षता में 13 सदस्यों की एक समिति का गठन किया है जिसमें स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ. नूतन मुंडेजा भी हैं।
अतिरिक्त सदस्यों के रुप में आईएएस डॉ. आशीष चंद्र वर्मा और राजस्व विभाग के संभागीय आयुक्त संजीव खिरवार भी शामिल हैं। नोडल अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण इनपुट का आकलन और प्रदान करेंगे। स्वास्थ्य अवसंरचना के कार्यक्षेत्रों के संचालन की बारीकियों पर ध्यान देते हुए बकायदा एक योजना तैयार की जाएगी जिसके तहत बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्र की व्यवस्था होगी। ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए टैंकर का पर्याप्त बंदोबस्त किया जाएगा। स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विभिन्न कार्यक्षेत्रों की आवश्यकता, ऑक्सीजन संयंत्र, दवा आपूर्ति आदि पर काम करेगी।
उन्होंने बताया कि राजधानी में आइसोलेशन, ऑक्सीजन, आईसीयू आदि की संख्या का अनुमान लगाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करेगी। अस्थायी सुविधाओं के लिए स्थान, कोविड देखभाल केंद्र, फील्ड अस्पतालों को पहले से ही चिन्हित किया जाएगा ताकि उन्हें तेज गति से सक्रिय किया जा सके। आदेश में उन्होंने बताया कि पैरामेडिकल और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स को होम आइसोलेशन से लेकर निगरानी, कोविड सेंटर इत्यादि जगहों पर तैनात किया जा सकता है। इसलिए इनका प्रशिक्षण भी उसी के अनुरुप किया जाएगा। ो