दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) ने अमेरिकी नागरिकों से सवा छह लाख यूएस डॉलर (करीब सवा पांच करोड़) की साइबर ठगी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में देश के अलग-अलग हिस्सों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान यूपी निवासी कुणाल सिंह उर्फ क्रिस्टोफर (31), ओडिशा निवासी सुब्रत दास उर्फ ऑस्टिन (32), पश्चिम बंगाल निवासी सुमन चंद्र दास (26) और दिल्ली निवासी गौतम व अमित सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सात लाख कैश, छह मैकबुक लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, तीन राउटर व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी विदेश में बैठे अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट देने के नाम पर अपने जाल में फंसा लेते थे। इसके बाद उनके बैंक खातों की जानकारी हैकरों के पास होने का डर दिखाकर उनके खातों में मौजूद रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर हड़प लेते थे।
आरोपियों ने कितने लोगों के साथ ठगी की है, उसकी पड़ताल की जा रही है। स्पेशल सेल के विशेष आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि पिछले दिनों कुछ अमेरिकी नागरिकों ने अपने दूतावास के जरिये पुलिस उपायुक्त आईएफएसओ को शिकायत की थी। शिकायतकर्ता जोस एंटोनियो कोर्डेरो और लानिवती तनुदजाजा ने बताया कि 21 अक्तूबर 2021 को उन्होंने अपने लैपटॉप की समस्यों के लिए तकनीकी सहायता वेबसाइट गीक स्क्वायड से ऑन लाइन मदद मांगी थी। उसी दिन पीड़ित के पास एक कॉल आई। कॉलर ने खुद का परिचय गीक स्क्वायड के जॉन के रूप में दिया। जॉन ने बताया कि उनका लैपटॉप हैक कर लिया गया है। यदि रकम को तुरंत किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर नहीं किया गया तो उनकी रकम को हैकर्स उड़ा लेंगे।
महरौली में मंगा लिए लैपटॉप
विश्वास जीतने के बाद आरोपियों ने उनकी रकम को दूसरे खातों में गिफ्ट कार्ड व वायर ट्रांसफर के दूसरे खातों में भेज दिया गया। बाद में आरोपियों ने पीड़ित को उनकी रकम के बदले कुछ फर्जी चेक की फोटो भेज दीं। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि भविष्य में दोबारा इस तरह की वारदात न हो इसके लिए उनको नए मोबाइल और लैपटॉप खरीदना होंगे। पीड़ित से दो मैकबुक प्रो लैपटॉप और चार महंगे मोबाइल खरीदवाकर सॉफ्टवेयर डालने के बहाने दिल्ली के महरौली में मंगवा लिये।