इसमें पांच लाख से अधिक लोगों की आंखों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को यह जानकारी देने के लिए डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक सभा का आयोजन हुआ। इस सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज में 12 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले महाकुंभ में नेत्रकुंभ-2025 का आयोजन होगा। इसमें पांच लाख से अधिक लोगों की आंखों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को यह जानकारी देने के लिए डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक सभा का आयोजन हुआ। इस सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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आयोजन के संबंध में नेत्रकुंभ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीन कुमार रेड्डी ने बताया कि कुंभ के दौरान आने वाले लोगों में से पांच लाख से अधिक लोगों के आंखों की जांच की जाएगी। यह सुविधा उन लोगों को उपलब्ध करवाई जाएगी जिन्हें जांच की जरूरत है। इसमें बुजुर्ग को प्राथमिकता मिलगी। जांच के बाद तीन लाख से अधिक चश्मों का वितरण और करीब 50 हजार नेत्र शल्य चिकित्सा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सर्जरी के लिए जांच के बाद लोगों को चुना जाएगा। यह सभी सुविधा पूरी तरह से निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंखों में होने वाली समस्या का समय पर उपचार कर दिव्यांगता को रोका जा सकता है।
इस कोशिश के तहत महाकुंभ के अवसर पर सक्षम (समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल) के सहयोग से यह आयोजन हो रहा है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए देशभर से 500 से अधिक प्रमुख डॉक्टर, एक हजार से अधिक ऑप्टोमेट्रिस्ट अपनी सेवाएं देंगे। इसके अलावा लोगों की मदद के लिए चिकित्सा संस्थानों के प्रमुख, एनजीओ प्रतिनिधि, और परोपकारी सहयोगियों भी अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा कि भारत में नेत्र स्वास्थ्य सहायता की अत्यावश्यक आवश्यकता है। यहां करीब 1.25 करोड़ से अधिक लोग आंखों से दिव्यांग हैं। 50 करोड़ से अधिक लोगों को तुरंत दृष्टि सुधार की आवश्यकता है।
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नेत्रकुंभ-2025 का उद्देश्य उन जरूरतमंदों को निशुल्क नेत्र परीक्षण, आवश्यक उपचार, और दृष्टि संसाधन उपलब्ध कराना है। डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस आयोजन में एक रिकॉर्ड बनेगा। यह दुनिया में अपने आप में सबसे बड़ा आयोजन है, जहां जनहित कार्य इतने बड़े स्तर पर होंगे।