पूर्व वित्तमंत्री और विदेश मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने देश की मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा, दिल्ली चुनाव में जामिया से लेकर शाहीन बाग तक जो कुछ चल रहा है, उससे मोदी सरकार का वह एजेंडा बाहर आ गया है, जो अभी तक छिपा हुआ था। अब यह साफ हो गया कि मोदी सरकार धर्म के नाम पर सब कुछ करेगी।
सिन्हा ने गुरुवार दोपहर को आईटीओ स्थित चंद्रशेखर भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता कहा कि उन्होंने 9 जनवरी को मुंबई से गांधी शांति यात्रा शुरू की थी। वह यात्रा 30 जनवरी को दिल्ली स्थित राजघाट पर खत्म हुई है। सिन्हा के साथ शरद यादव, पवन वर्मा, पृथ्वीराज चौहान, मणिशंकर अय्यर, कुमार केतकर, जॉर्ज मैथ्यू और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश भाई मेहता सहित कई राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। एनसीपी नेता शरद पवार और सपा नेता अखिलेश यादव ने अपना पत्र भेजकर सिन्हा को समर्थन देने की बात कही।
दबाव आते ही पसीने-पसीने हो जाते हैं भाजपाई
सिन्हा ने कहा कि देश का माहौल जानबूझकर खराब किया जा रहा है, लोगों को हिम्मत दिखानी होगी। वहीं यह पूछने पर कि क्या मोदी सरकार में केवल दो लोगों की चल रही है, इस पर सिन्हा का कहना था, मैंने इनके साथ काम किया है। ये सब कायर हैं। इन पर जरा सा दबाव आते ये पसीने से तरबतर हो जाते हैं। मैंने अपनी यात्रा के दौरान गुजरात के लोगों से बातचीत की है। वहां लोग अफसोस जता रहे हैं। पिछली बार ये लोग निकल गए थे, लेकिन ध्यान रखें कि इस बार उन्हें भागने नहीं देंगे। उनका इशारा गुजरात सरकार को लेकर था।
उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में थोड़ी कमी रह गई थी, मगर आने वाले चुनाव में विपक्ष उन्हें मौका नहीं देगा। सिन्हा बोले, हम देश में घूमकर यह प्रचार करेंगे कि एनआरसी की प्रक्रिया यदि शुरू होती है तो कोई भी व्यक्ति अपने दस्तावेज न दे।
2003 और 2010 के एनपीआर में हंगामा नहीं हुआ
एक सवाल के जवाब में यशवंत सिन्हा ने कहा कि 2003 और 2010 में भी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) हुआ, मगर कहीं कोई हंगामा नहीं हुआ। उस वक्त सरकार की नीयत में खोट नहीं था, इसलिए कोई सवाल नहीं उठा। किसी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। आज सरकार की नीयत में खोट है तो एनपीआर का विरोध हो रहा है।
गांधी शांति यात्रा का मकसद बताते हुए सिन्हा ने कहा, जो संविधान बीआर अंबेडकर ने बनाया था, उसकी रक्षा की जाएगी। धर्म के आधार पर देश का दूसरा बंटवारा नहीं होने देंगे। तीसरा, गांधी की हत्या दोबारा से नहीं होने देंगे।
शरद यादव ने कहा, कुछ बयान नहीं कर सकते, ऐसा दौर आ गया है। चुनौती कठिन है। भाजपा ने सब कुछ ताक पर रख दिया है। संविधान संकट में है। वहीं, पवन वर्मा बोले, अब लड़ाई शुरू होगी। कुछ लोगों ने राजनीतिक फायदे के लिए समाज को बांटने का काम शुरू कर दिया है। हमें भारतीय बनकर बांटने वाली शक्तियों का मुकाबला करना होगा। हम दूसरी पार्टियों से बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा के साथ मिलकर मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ मुहिम शुरू की जाएगी। गांधी शांति यात्रा को देश के हर हिस्से में ले जाएंगे।